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दलित-बहुजन पेज 3, मार्च 2016

पटना में पिछले दिनों 'बागडोर' की पहल पर 'मंडल उलगुलान' नामक कार्यक्रम में '21वीं सदी में सामाजिक न्याय का घोषणापत्र' विषय के मुख्य वक्ता प्रो. कांचा इलैया ने अंग्रेजी पढ़ो आगे बढ़ो का आह्वान किया

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पटना में पिछले दिनों ‘बागडोर’ की पहल पर ‘मंडल उलगुलान’ नामक कार्यक्रम में ’21वीं सदी में सामाजिक न्याय का घोषणापत्र’ विषय के मुख्य वक्ता प्रो. कांचा इलैया ने अंग्रेजी पढ़ो आगे बढ़ो का आह्वान किया। इस मौके पर ‘सबाल्टर्न’ पत्रिका का विमोचन हुआ। समारोह को उर्मिलेश, प्रेमकुमार मणि, दिलीप मंडल, शांति यादव, महेंद्र सुमन, श्रीकांत आदि वक्ताओं ने संबोधित किया। संचालन संतोष यादव ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओपी जयसवाल ने किया।- धनंजय उपाध्याय

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वामपंथी संगठन अब जाति के सवाल पर अपनी पुरानी सोच से बाहर निकल रहे हैं। इसका एक प्रमाण पिछले दिनों मिला जब नेशनल फेडरेशन ऑफ़  इन्डियन वीमेन ने विशाखापत्तनम में 22-23 जनवरी को आयोजित अपने राष्ट्रीय सम्मलेन में जाति के सवाल पर एक सेशन आयोजित किया और इसके लिए खासकर दलित चिन्तक और एक्टिविस्ट कौशल पंवार को आमंत्रित किया। जाति उत्पीडऩ को लेकर प्रस्ताव भी पारित किये गये। एनएफआईडब्ल्यू की राष्ट्रीय सचिव एनी राजा ने कहा कि ‘इस मुद्दे को केन्द्रीय विषय बनाने में हमने बहुत देर कर दी।’

 

(फारवर्ड प्रेस के मार्च, 2016 अंक में प्रकाशित )

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एफपी डेस्‍क

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