h n

एफपी न्यूज

-

क्लिक करें :

13-point roster pushes Bahujans back into the ‘unreserved compartment’

उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

 

लेखक के बारे में

मुकेश कुमार बैरवा

मुकेश कुमार बैरवा, दिल्ली विश्वविध्यालय के पीजीडीएवी कॉलेज में अंग्रेजी के सहायक प्राध्यापक हैं

संबंधित आलेख

हल्द्वानी में सत्ता-मशीनरी ने शुद्धिकरण का सामाजिक अपराध कैसे होने दिया?
खरगे को यदि संसद में यह बोलने के लिए विवश होना पड़ता है कि उन्हें अछूत समझकर उनके कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया गया...
फैसले के बाद डांगावास और पीड़ित दलित
मृतक पांचाराम की पत्नी सोनकी देवी जिस गांव में बिना मुंह ढंके और बिना सिर झुकाए कभी नहीं चलीं, उसी गांव की तथाकथित ताकतवर...
जातिगत जनगणना आज की ज़रूरत : डी.के. शिवकुमार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस देश को बनाने और इसके विकास में ओबीसी समुदाय का सबसे ज़्यादा योगदान रहा है। इसलिए ओबीसी...
लीक से हटकर गोरखपुर में दलित इंटेलेक्चुएल फोरम की लोकतांत्रिक संगोष्ठी
संगोष्ठी में एक स्वर से यह सहमति थी कि आरक्षण किसी भी वर्ग या समुदाय की गरीबी को सीधे तौर दूर नहीं कर सकता...
अरजाल सहित सभी गैर-हिंदू दलितों के लिए काला दिवस है 10 अगस्त
समय की मांग है और सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह मुस्लिम दलितों (अरजाल) के साथ इंसाफ करे। उन्हें मुख्यधारा में लाने के...