तामिलनाडु में शेक्सपीयर की रचनाओं में लैंगिक विमर्श, राजस्थान विवि में सावरकर का महिमामंडन

तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय में शेक्सपीयर के नाटकों में लैंगिक विमर्श पर चर्चा होगी, तो राजस्थान विवि में सावरकर का महिमामंडन किया जा रहा है

आगामी आयोजन

तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय, चेन्नई के अंग्रेजी अध्ययन विभाग ने “शेक्सपियर एंड मैस्क्यूलिनइटि” विषय को लेकर 27-28 फरवरी, 2020 को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया है।

कार्यक्रम के अवधारणा नोट में विश्वविद्यालय का कहना है कि हम ऐसे युग में है जिसमें अकादमिक और सांस्कृतिक बहसों में जेंडर विषय निरंतर चर्चा में बना हुआ है और इसे लेकर कई तरह की छानबीन हो रही है, उन तरीकों को देखना उपयुक्त है जिन्होंने साहित्य और विशेष रूप से नाटकों के पात्रों की लिंग पहचान बनाने में  महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस संदर्भ में, शेक्सपियर के नाटक खासतौर पर गौर तलब हैं क्योंकि वे हमें उन विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं, जिनकी भूमिका पुरुषों और महिलाओं के रूप में उनके प्रदर्शन ने उन्हें पुनर्जागरण के लिए विशिष्ट शक्ति की सोच और वैचारिक संरचनाओं में व्यक्त की है। 

शोध छात्रों और शिक्षकों को इस बारे में अधिक जानकारी के लिए cutn.seminar2020@gmail.com पर संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम की आयोजन समिति में टीजे अब्राहम (सह-आचार्य), डॉ. जेई इंद्र (सहायक प्रोफेसर), डॉ. एंबिली ए. मार्कोज (गेस्ट फैकल्टी) और डॉ. जे. मुथुलेखा (गेस्ट फैकल्टी) हैं।

गांधी दर्शन पर भारतीय विद्वानों का मेला

आत्म राम सनातन धर्म कॉलेज, धौला कुआँ (दिल्ली विश्वविद्यालय) ने “मोहन दास करमचंद गांधी: समाज, राजनीति और दर्शन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 23 और 24 जनवरी 2020 को आयोजित की है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. ज्ञानतोष कुमार झा, प्राचार्य, एआरएसडी कॉलेज, मुख्य वक्ता डॉ. अविजित पाठक. प्रोफेसर, सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम एंड स्कूल ऑफ सोशल साइंस, जेएनयू और प्रोफेसर दिनेश सिंह. कुलाधिपति के.आर. मंगलम विश्वविद्यालय और पूर्व कुलपति दिल्ली विश्वविद्यालय विचार रखेंगे। कार्यक्रम में प्रो. आनंद प्रकाश, मनोविज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, वक्ता प्रो. पीके शुक्ला, पूर्व सदस्य सचिव, भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद, प्रो. दिलीप शिमोन, लेखक और इतिहासकार, अशोक विश्वविद्यालय भी विचार रखेंगे।

राजस्थान विश्वविद्यालय में सावरकर का महिमामंडन

आरएसएस द्वारा सावरकर को महानायक के रूप में पेश किया जा रहा है। इसी कड़ी में “वीर विनायक दामोदर सावरकर- जीवन एवं लक्ष्य” विषय को लेकर राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर ने देश के शोध छात्रों, शिक्षकों और विद्वान लोगों की 17-18 मार्च 2020 को दो दिन की राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया है। 

राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर

आयोजकों ने बताया कि संगोष्ठी के उप-विषयों में सावरकर के संदर्भ में भारत में क्रांतिधर्मी परम्परा : एक ऐतिहासिक रेखाचित्र, भारत में क्रांतिकारी आंदोलन का स्वरूप एवं प्रकृति (महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब और सिन्ध के विशेष संदर्भ में), वीर सावरकर एवं विदेशों में क्रांतिकारी गतिविधियाँ, वीर सावरकर एवं उनका लेखन, अंडमान में वीर सावरकर, वीर सावरकर एक समाज-सुधारक के रूप में, वीर सावरकर एवं उनके समकालीन क्रांतिकारी, स्वातन्त्र्योत्तर भारत एवं वीर सावरकर, वीर सावरकर के सपनों का भारत, वीर सावरकर के विशेष संदर्भ में मैजिनी और भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन पर भी प्रकाश डाला जा सकता है।

उत्कृष्ट और मौलिक शोधपत्र 30 जनवरी, 2020 तक भेजे जा सकते हैं। ईमेल पता है ichrsplseminar@gmail.com। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें डॉ. सौरभ कुमार मिश्रा 08871435354, और डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा 09889801975 को।

नए भारत की पत्रकारिता

प्रेरणा जनसंचार एवं शोध संस्थान और जनसंचार एवं मीडिया अध्ययन विभाग गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा ने संयुक्त रूप से 7, 8 और 9 फरवरी 2020 को तीन दिवसीय “प्रेरणा विमर्श- 2020 (विरासत)”  सम्मेलन का आयोजन किया है। पहले दिन यानी 7 फरवरी को मीडिया कॉन्क्लेव रखा गया है जिसमें

पत्रकार, लेखक, पत्र लेखक, पत्रकारिता के अध्यापक, छात्र/ छात्राएं, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े लोग शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 30 जनवरी, 2020 है। 8 फरवरी 2020 को सोशल मीडिया कॉन्क्लेव होगा। इसमें ब्लॉगर, यूट्यूबर, फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम,  न्यूज पोर्टल से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। 

इस कार्यक्रम की अधिक जानकारी के लिए आयोजन समिति के श्याम किशोर सहाय 9811077950, डॉ. वंदना पांडेय 9896866638, प्रमोद कामत 9811424301, 9891360088 को संपर्क किया जा सकता है। ईमेल एड्रेस है- prernavimarsh@gmail.com

(संपादन : नवल/सिद्धार्थ)

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