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Vidya Bhushan Rawat

बहस-तलब : दलितों की भागीदारी के बगैर द्रविड़ आंदोलन अधूरा
तमिलनाडु में ब्राह्मण और गैर-ब्राह्मण की पूरी बहस में दलित हाशिए पर हैं। क्या यह बहस दलित बनाम...
बहस-तलब : जबरन विवाह, नस्लभेद और जातिभेद आधुनिक गुलामी के मुख्य हथियार
आज के दौर में पेरियार की बातें इसलिए भी सही साबित हो रही हैं क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर...
बहस-तलब : आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पूर्वार्द्ध में
मूल बात यह है कि यदि आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाता है तो ईमानदारी से इस संबंध...
बहस-तलब : सुनीता खाखा पर अत्याचार के मामले में चुप्पी क्यों?
बीते दिनों झारखंड की राजधानी रांची में एक आदिवासी लड़की सुनीता खाखा के साथ प्रदेश भाजपा की एक...
बहस-तलब : हंगामा और विरोध तब क्यों नहीं जब आरोपी सजातीय हों?
दलित महिलाओं या दलितों पर हमले पर लोग तभी बोलेंगे जब आरोपी गैर-दलित होंगे। यदि आरोपी गैर-दलित नहीं...
इंद्र मेघवाल की हत्या : जातीय दुराग्रह की पराकाष्ठा
इस देश में किसी भी घटना का महत्व उसकी वीभत्सता या क्रूरता से ज्यादा इस बात का होता...
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