h n

एफपी न्यूज

-

क्लिक करें :

Before the coronavirus could kill them, hunger would and so they walked

 उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

लेखक के बारे में

अनिल वर्गीज

अनिल वर्गीज फारवर्ड प्रेस के प्रधान संपादक हैं

संबंधित आलेख

उत्तर प्रदेश : एसआईआर की भीतरी तह, जिसे चुनाव आयोग हर हाल में ढंकना चाहता है
बीएलओ ने कहा ‘इस तरह वो हमारे पास से सारे फॉर्म उठाकर ले गए और वहां जो संविदा पर या अन्य तरह से काम...
झारखंड : पेसा कानून शीघ्र लागू होने की उम्मीद, लेकिन सवाल शेष
यह बात भी हमें ध्यान में रखना चाहिए कि मूल पेसा कानून के दायरे में ही सरकार नियमावली बना सकेगी। यदि कानून की नियमावली...
लोग क्यों कह रहे 230 करोड़ रुपए का ‘ब्राह्मण प्रेरणा स्थल’?
दलित महापुरुषों की मूर्तियों का विरोध और जनसंघ के ब्राह्मण नेताओं की जय-जयकार जनता को सहज नहीं लग रही। अतीत में बोया गया विरोध...
क्रिसमस पर उत्पात के मायने
इन उन्मादियों को उन अमीर ईसाइयों से कोई दिक्कत नहीं है जो यहां की कंपनियों में निवेश करते हैं। इन्हें उन तथाकथित उच्च जाति...
राजनीति प्रसाद : एक साहसी संघर्षशील समाजवादी का अवसान
राजनीति बाबू ने कहा था कि “लोकपाल बिल को फाड़ने को लेकर मेरे मन में वही बेचैनी थी जो बेचैनी भगत सिंह के मन...