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हमारे नायक

जोतीराव फुले के सहयोगी सत्यशोधक तुकाराम तात्या पडवळ
तुकाराम तात्या पडवळ ने धर्म तथा जाति-आधारित शोषण को करीब से देखा था। धर्म के नाम पर पुजारी अनपढ़ लोगों को किस तरह से लूटते हैं, इसका उन्हें करीबी अनुभव था; और इस संबंध में...
अपने दौर के वैज्ञानिकों से डॉ. आंबेडकर की मेल-मुलाकातें
मैंने जो भी थोड़ा बहुत शोधकार्य किया है, उससे मुझे कम-से-कम चार अग्रणी भारतीय वैज्ञानिकों से डॉ. बी.आर. आंबेडकर की मेल-मुलाकातों और उनके बीच संवाद के दस्तावेजी सबूत मिले हैं। ये वैज्ञानिक थे– डॉ. मेघनाद...
वो आखिरी पल जब सूर्यास्त हुआ एक महानायक का
सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर जब रत्तु जी को लिये कार बाबा साहेब के घर में प्रविष्ट होती है तो श्रीमती सविता आंबेडकर उन्हें अपनी भीगी आंखों से अंदर लेकर जाती हैं और रोते...
सन् 1938 का महिला सम्मलेन, जिसमें रामासामी को स्त्रियों ने दी ‘पेरियार’ की उपाधि
महिलाएं केवल पेरियार की प्रशंसक नहीं थीं। वे सामाजिक मुक्ति के उनके आंदोलन में शामिल थीं, उसमें भागीदार थीं। उनके नेतृत्व में सम्मलेन का आयोजन इस बात का प्रतीक था कि महिलाओं की चेतना जागृत...
लो बीर सेन्द्रा : जयपाल सिंह मुंडा के बहुआयामी व्यक्तित्व के नए पहलुओं से पहचान कराती पुस्तक
हाल में पुनर्प्रकाशित अपने संस्मरण में जयपाल सिंह मुंडा लिखते हैं कि उन्होंने उड़ीसा के गोरूमासाहिनी एवं बदमपहर...
गिरते स्वास्थ्य के बावजूद नागपुर और चंद्रपुर के बाद बंबई में दीक्षा कार्यक्रम में भाग लेना चाहते थे बाबा साहब
बाबा साहब आंबेडकर ने अपने स्वास्थ्य को दांव पर लगा कर किताबें क्यों लिखीं? उन्होंने ऐसे अनेक कार्यक्रमों...
वायकोम सत्याग्रह : सामाजिक अधिकारों के लिए पेरियार का निर्णायक संघर्ष
गांधी, पेरियार को भी वायकोम सत्याग्रह से दूर रखना चाहते थे। कांग्रेस गांधी के प्रभाव में थी, किंतु...
बी.पी. मंडल का ऐतिहासिक संबोधन– “कोसी नदी बिहार की धरती पर स्वर्ग उतार सकती है”
औपनिवेशिक बिहार प्रांत में बाढ़ के संदर्भ में कई परामर्श कमिटियां गठित हुईं। बाढ़ सम्मलेन भी हुए। लेकिन...
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