मंडल राजनीति का मूल उद्देश्य केवल सत्ता में भागीदारी नहीं था, बल्कि सामाजिक और आर्थिक संरचना में बुनियादी बदलाव लाना था। यह केवल जातीय प्रतिनिधित्व की राजनीति नहीं, बल्कि वर्ण-जाति के उन्मूलन के साथ वर्ग...
वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस सरकार में सबसे बड़ा हमला बहुजन समाज की नई पीढ़ी पर है। मनुवादी विचारधारा नौजवानों के अंगूठे काटने के लिए लगातार साज़िश...
राजा राममोहन राय, दयानंद सरस्वती, रानाडे, भंडारकर, आगरकर आदि के कार्य उतना सामाजिक परिवर्तन के लिए वांछित नहीं थे, जितना महात्मा फुले के कार्य। द्विजों का समाज सुधार केवल उनके वर्गों तक ही सीमित था।...
इस मामले के दो सिरे हैं। पहला सिरा सीपीआईएमएल से जुड़ा है। सीपीआईएमएल के इलाहाबाद क्षेत्र में रामजी राय और कमल उसरी का अपना-अपना धड़ा है। जैसा कि इतिहास बताता है जो धड़ा कमज़ोर होता...