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फोटो फीचर

डा. लाल रत्नाकर ने इन चित्रों को फारवर्ड प्रेस के लिए विशेष रुप से बनाया है

कौत्स

कौत्स (सातवीं शताब्दी ईसा पूर्व) एक आंदोलन के नेता थे, जिनका दर्शन भौतिक बुद्धिवाद से मिलता-जुलता है। वे बहुजन साहित्य के
प्रथम मौलिक सिद्धांतकार माने जाते हैं। कालक्रम के अनुसार बुद्ध का स्थान उनके बाद आता है।

 

 मक्खली गोशाल

मक्खली गोशाल जाति से कुम्हार थे। उन्होंने आजीवक संप्रदाय को फिर से जीवित किया। वे बहुजन अवधारणा के एक महत्वपूर्ण सिद्धांतकार माने जाते हैं।

 

अजित केशकंबली

बुद्ध के समकालीन अजित केशकंबली जाति के पशुचारक थे। वे उम्र में बुद्ध से बड़े थे और इनका चिंतन लोकायत परंपरा को पुष्ट करता है। उनके सिद्धांतों को बहुजन के बहुचर्चित सांस्कृतिक आंदोलन ‘अर्जक संघ’ ने भी अंगीकार किया है।

 

(फारवर्ड प्रेस, बहुजन साहित्य वार्षिक, मई  2014 अंक में प्रकाशित)


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in

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एफपी डेस्‍क

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