गुजरात विश्वविद्यालय में आरक्षण संबंधी नियमों का उल्लंघन

राज्य सरकार के इस निर्देश के बाद कि अध्यापकीय व गैर-अध्यापकीय पदों पर नियुक्ति में रोस्टर प्रणाली का पालन किया जाए, गुजरात विश्वविद्यालय को मजबूर होकर, 18 विभागों में खाली पड़े 30 अध्यापकीय पदों पर नियुक्ति के लिए प्राप्त सभी आवेदनों को निरस्त करना पड़ा

university-of-gujratअहमदाबाद। राज्य सरकार के इस निर्देश के बाद कि अध्यापकीय व गैर-अध्यापकीय पदों पर नियुक्ति में रोस्टर प्रणाली का पालन किया जाए, गुजरात विश्वविद्यालय को मजबूर होकर, 18 विभागों में खाली पड़े 30 अध्यापकीय पदों पर नियुक्ति के लिए प्राप्त सभी आवेदनों को निरस्त करना पड़ा। इन पदों को विश्वविद्यालय ने विज्ञापित किया था। विश्वविद्यालय अब नये सिरे से आवेदन मंगवाएगा। विश्वविद्यालय द्वारा नवंबर 2013 में जारी विज्ञापन में सभी पदों को सामान्य श्रेणी में रखा गया था। विश्वविद्यालय के एससी/एसटी सेल ने इस विज्ञापन का कड़ा विरोध किया और यह धमकी दी कि अगर रोस्टर प्रणाली-जिसके तहत अनुसूचित जातियों-जनजातियों व अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं-का पालन नहीं किया गया तो वह इस मामले को अदालत में ले जायेगी। राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ास्मा ने दोनों पक्षों से चर्चा करने के बाद मामले में हस्तक्षेप किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को यह निर्देश किया कि वह रोस्टर प्रणाली का अनिवार्यत: पालन करे।

(फारवर्ड प्रेस के मार्च, 2015 अंक में प्रकाशित )


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