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बहुजन-विरोधी नीतियों के प्रति गुस्सा उबला

भूमि अधिग्रहण विधेयक 2015 के जरिये बिल्डरों और खनन कंपनियों को दलित-बहुजनों को उनके जीविकोपार्जन के साधनों से वंचित करने की खुली छूट देने की तैयारी है। नरेन्द्र मोदी सरकार के इन वर्गों को समाज की हाशिये पर खिसकाए जाने के प्रयासों के विरुद्ध दलित-बहुजन पिछले माह सड़क पर उतर आये

वर्ष 2014-15 के बजट से स्कूलों और विश्वविद्यालयों के अधिकांश दलित-बहुजनों की पहुँच से दूर हो जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है । बजट में जहाँ छात्रवृत्तियों की संख्या घटाई गयी है, वहीं सर्वशिक्षा अभियान और मध्यान्ह भोजन योजना के लिए आवंटन कम किया गया है । दूसरी ओर भूमि अधिग्रहण विधेयक 2015 के जरिये बिल्डरों और खनन कंपनियों को दलित-बहुजनों को उनके जीविकोपार्जन के साधनों से वंचित करने की खुली छूट देने की तैयारी है। नरेन्द्र मोदी सरकार के इन वर्गों को समाज की हाशिये पर खिसकाए जाने के प्रयासों के विरुद्ध दलित-बहुजन पिछले माह सड़क पर उतर आये।

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पिछले 12 मार्च को जंतर मंतर, नई दिल्ली पर बहुजन विरोधी शिक्षा बजट के खिलाफ जन जुटान हुआ। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी से मिलने का प्रयास करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता बीना पल्लिकल (उपर से बांए), अभय खाखा एन. पॉल. दिवाकर (नीचे से दाएं) की गिरफ्तारी की गई
पिछले 12 मार्च को जंतर मंतर, नई दिल्ली पर बहुजन विरोधी शिक्षा बजट के खिलाफ जन जुटान हुआ। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी से मिलने का प्रयास करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता बीना पल्लिकल (उपर से बांए), अभय खाखा एन. पॉल. दिवाकर (नीचे से दाएं) की गिरफ्तारी की गई

 

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भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की वापसी से कुछ कम स्वीकार नहीं : 15 मार्च 2015 को 20 हजार से अधिक आदिवासियों ने छत्तीसगढ़ के कांसाबेल [जशपुर] में विशाल रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया।
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की वापसी से कुछ कम स्वीकार नहीं : 15 मार्च 2015 को 20 हजार से अधिक आदिवासियों ने छत्तीसगढ़ के कांसाबेल [जशपुर] में विशाल रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया।

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भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ 'विस्थापन विरोधी एकता मंच' के बैनर तले 15 मार्च 2015 को झारखण्ड के कोल्हान अंतर्गत तेतला से हाता के बीच मूलवासियों-आदिवासियों ने विरोध रैली निकाला। प्रदर्शनकारियों का नारा था — 'लोहा नहीं अनाज चाहिए, खेती का विकास चाहिए'
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ ‘विस्थापन विरोधी एकता मंच’ के बैनर तले 15 मार्च 2015 को झारखण्ड के कोल्हान अंतर्गत तेतला से हाता के बीच मूलवासियों-आदिवासियों ने विरोध रैली निकाला। प्रदर्शनकारियों का नारा था — ‘लोहा नहीं अनाज चाहिए, खेती का विकास चाहिए’

 

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17 मार्च 2015 को मध्य प्रदेश के धार जिले कुक्षी शहर में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के आदिवासी युवाओं ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ विशाल महारैली निकाली
17 मार्च 2015 को मध्य प्रदेश के धार जिले कुक्षी शहर में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के आदिवासी युवाओं ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ विशाल महारैली निकाली

(फारवर्ड प्रेस के अप्रैल, 2015 अंक में प्रकाशित )


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लेखक के बारे में

राजन कुमार

राजन कुमार फारवर्ड प्रेस के उप-संपादक (हिंदी) हैं

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