परियेरुम पेरूमल : काले और नीले रंग का राजनीतिक समागम

काला और कबाली के तर्ज पर दक्षिण भारत में एक और फिल्म सुर्खियां बटोर रही है। यह फिल्म एक कुत्ते और एक दलित युवक की है। युवक कानून की पढ़ाई इसलिए करता है ताकि वह अपने समाज के लोगों की लड़ाई अदालतों में लड़ सके। संजीव की समीक्षा :

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दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

महिषासुर एक जननायक

महिषासुर : मिथक व परंपराए

जाति के प्रश्न पर कबी

चिंतन के जन सरोकार

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