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आंखन देखी : एक कहानी जयस की

आदिवासी युवाओं के संगठन जयस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया है। इसके साथ ही इस संगठन में दरार भी सामने आये हैं। इसके राष्ट्रीय संरक्षक डा. हीरालाल अलावा पर भी कई आरोप लगाये गये हैं। जयस के निर्माण और आरोपों के बारे में बता रहे हैं राजन कुमार :

आज जब ‘जय आदिवासी युवा शक्ति’ (जयस) संगठन पूरे देश में प्रसिद्ध हो चुका है और इसी संगठन के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में 80 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात हो रही है तब कई लोग इसके संस्थापक सदस्य होने का झूठा दावा करने लगे हैं। इसलिए आज यह बताने का समय आ गया है कि जयस की स्थापना कैसे हुई।

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लेखक के बारे में

राजन कुमार

राजन कुमार ने अपने कैरियर की शुरूआत ग्राफिक डिजाइर के रूप में की थी। बाद में उन्होंने ‘फारवर्ड प्रेस’ में बतौर उप-संपादक (हिंदी) भी काम किया। इन दिनों वे ‘जय आदिवासी युवा शक्ति’ (जयस) संगठन के लिए पूर्णकालिक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं।

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