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दहशत में हैं मनीषा के पिता, कहा – हमें इंसाफ चाहिए और जान-माल की सुरक्षा भी

मृतका के परिजन दहशत में हैं। यही वजह है कि बीते 11 अक्टूबर को जब यूपी पुलिस ने उन्हें अदालत में पेशी के लिए लखनऊ ले जाना चाहा तो उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे रात में पुलिस के साथ नहीं जाएंगे। नवल किशोर कुमार की रिपोर्ट

ग्राउंड रिपोर्ट

“जबतक मनीषा के हत्यारों को सजा और हमें इंसाफ नहीं मिल जाता, हम उसकी अस्थियां प्रवाहित नहीं करेंगे। हमें बस इतना ही कहना है कि हमें इंसाफ चाहिए और मेरे घर के परिजनों के जान की रक्षा भी हो।” यह कहना है दलित युवती मनीषा वाल्मीकि के पिता का। हाथरस के बूलगढ़ी गांव में फारवर्ड प्रेस से बातचीत में उन्होंने 14 सितंबर को अपनी बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बारे में विस्तार से बताया।

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लेखक के बारे में

नवल किशोर कुमार

नवल किशोर कुमार फॉरवर्ड प्रेस के संपादक (हिन्दी) हैं।

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