बहुजन साप्ताहिकी : वेब पोर्टल ‘जनज्वार’ से जुड़े दलित पत्रकार किशोर राम के खिलाफ मुकदमा

बहुजन साप्ताहिकी के तहत इस बार पढ़ें ‘जनज्वार’ से संबद्ध उत्तराखंड के पिथौड़ागढ़ के दलित पत्रकार किशोर राम की गिरफ्तारी के बारे में। साथ ही, बिहार में लालू प्रसाद के संबंध में चल रहे सियासी घमासान के बारे में

उत्तराखंड की पिथौरागढ़ पुलिस ने वेब पोर्टल ‘जनज्वार’ से जुड़े दलित पत्रकार किशोर राम के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनके उपर दो जाति विशेष के समुदायों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और जातीय वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया है। किशोर राम के खिलाफ दर्ज मुकदमे में उन्हें ‘जनज्वार को चलाने वाला’ बताया गया है जबकि किशोर राम जनज्वार से बतौर रिपोर्टर जुड़े हैं। बताते चलें कि किशोर राम लगातार दलित, पिछड़ों और गरीबों से जुड़े मुद्दों को कवर करते रहे हैं। जिन खबरों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें दलित वर्ग के पीड़ितों के परिजन प्रशासन की ओर से कार्रवाई में सुस्ताई पर सवाल उठाते हुए नजर आ रहे हैं। 

एफआईआर में बताया गया है कि यू-ट्यूब और फेसबुक पर प्रसारित किए गए दो वीडियोज की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा 22 फरवरी को जांच की गई और पाया गया कि ‘जनज्वार न्यूज पोर्टल को चलाने वाले’ पिथौरागढ़ के झूलाघाट निवासी किशोर राम द्वारा जनज्वार न्यूज पोर्टल के माध्यम से लोगों से बाईट लेकर बार-बार उनसे जाति पूछी जा रही है। सवर्णों और अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या करने की बात कही जा रही है जिससे दो जाति विशेष के मध्य सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं किशोर राम के पक्ष में अनेक संगठनों ने आवाज उठायी है और उन्हें रिहा करने की मांग की है।

युवा दलित पत्रकार किशोर राम की तस्वीर

बिहार में सुर्खियों में है यह सवाल– लालू प्रसाद को किसने ‘फंसाया’?

मामला राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से जुड़ा हुआ है। गत 21 फरवरी को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा डोरंडा अवैध निकासी मामले में पांच साल की सजा व 60 लाख रुपए का आर्थिक दंड के फैसले के खिलाफ बीते 24 फरवरी को लालू प्रसाद ने रांची हाई कोर्ट में अपील कर दी है। इस आशय की जानकारी उनके वकील देवर्षि मंडल द्वारा दी गयी। वहीं बिहार में अब यह सवाल सुर्खियों में है कि लालू प्रसाद को किसने “फंसाया”? 

दरअसल, इस सवाल की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया में यह कहकर कर दी कि जिन लोगों ने लालू प्रसाद को फंसाया, वे आज उनके साथ हैं। उनका इशारा पूर्व राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी की ओर था, जो वर्तमान में राजद के वरिष्ठ नेता हैं व उनके पुत्र राहुल तिवारी राजद के विधायक। नीतीश कुमार के बयान के बाद शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा कर दिया कि लालू प्रसाद के खिलाफ मुकदमा के मामले में हस्ताक्षर करने के लिए उन्हें जदयू के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जार्ज फर्नांडीस व नीतीश कुमार ने कहा था। इसके बाद मचे सियासी घमासान के बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वे लालू प्रसाद का बहुत सम्मान करते हैं। उनके खिलाफ मुकदमे के दस्तावेज पर हस्ताक्षर उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से नहीं बल्कि पार्टी (भाजपा) के कहने पर किया था। 

लालू प्रसाद की तस्वीर

बताते चलें कि लालू प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करनेवालों में सुशील कुमार मोदी, शिवानंद तिवारी और वृषिण पटेल आदि शामिल थे। इनमें शिवानंद तिवारी और वृषिण पटेल वर्तमान में लालू के साथ हैं।

दस मार्च के बाद जातिगत जनगणना को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फिर एलान किया है कि वे 10 मार्च के बाद राज्य में जातिगत जनगणना को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। यह एलान कुमार ने बीते 21 फरवरी, 2022 को जनता दरबार कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान किया। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को जब देश के पांच राज्यों में हो रहे चुनावों के परिणाम आ जाएंगे तब एक दिन मुकर्रर कर सर्वदलीय बैठक बुलायी जाएगी, जिसमें राज्य के सभी राजनीतिक दलों से शामिल होने की अपील की जाएगी। बताते चलें कि राज्य सरकार ने पहले ही घोषणा कर रखी है कि वह अपने संसाधनों से राज्य में जातिगत जनगणना करवाएगी। हालांकि इस मसले पर नीतीश कुमार के साझेदार भाजपा नेताओं ने अपना स्पष्ट साफ नहीं किया है। 

पश्चिम बंगाल : राज्यपाल का अजीबोगरीब फरमान, रात के दो बजे विधानसभा का बजट सत्र आहूत

केंद्र और गैर भाजपा शासित राज्यों के बीच तनाव दिन-ब-दिन बढ़ने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल में राज्यपाल जयदीप धनखड़ ने आगामी 7 मार्च को रात के दो बजे से विधानसभा का बजट सत्र आहूत करने का आदेश देकर सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। हालांकि इस संबंध में राज्यपाल द्वारा कहा गया है कि उन्होंने अपनी तरफ से कुछ भी नहीं किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें रात्रि दो बजे बजट सत्र आहूत करने का अनुरोध कि किया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। वहीं राज्य के मुख्य सचिव एच. के. द्विवेदी ने राज्यपाल को एक अनुरोध पत्र बीते 25 फरवरी, 2022 को भेजा गया, जिसमें यह स्वीकार किया गया कि राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रेषित प्रस्ताव में टंकन भूल के कारण 2 बजे अपराहन के बजाय 2 बजे पूर्वाहन हो गया था। मुख्य सचिव के जरिए राज्य सरकार ने राज्यपाल से अनुरोध किया था कि वह बजट सत्र 7 मार्च को 2 बजे अपराहन शुरू करने की अधिसूचना जारी करें। वहीं इस मामले में राज्यपाल ने ट्वीट किया है कि “संवैधानिक दृष्टिकोण से, मुख्य सचिव के अनुरोध पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा सकता, जिसमें कैबिनेट के निर्णय में बदलाव का अनुरोध किया गया है और अधिकार क्षेत्र की कमी के कारण इसे वापिस किया जा रहा है।”

उत्तर प्रदेश : इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह यादव का बैग उड़ाया

बीते 20 फरवरी, 2022 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह यादव का बैग अपराधियों ने उड़ा लिया। उनके बैग में कपड़ों के अलावा पर्स भी था, जिसमें करीब 50 हजार रुपए थे। इस संबंध में जस्टिस यादव ने गाजियाबाद जिले के ट्रोनिका सिटी थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस को दी गयी जानकारी में जस्टिस यादव ने बताया है कि 20 फरवरी को वह दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब सभगार में सामाजिक संस्था पैगाम द्वारा संत शिरोमणि रैदास की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आ रहे थे। रास्ते में मंडोली चौकी के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने उनके चालक संदीप यादव को बताया कि कार की टंकी से तेल का रिसाव हो रहा है। जस्टिस यादव के मुताबिक, यह देखने के लिए वे और उनके चालक कार से उतरे तो देखा कि कार के बोनट के नीचे ग्रील पर तेल गिरा था। फिर जब वे कार्यक्रम स्थल पहुंचे तब उन्होंने पाया कि उनके कार की डिक्की से उनका बैग गायब है। 

(संपादन : अनिल)


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