h n

विश्लेषण

-

क्लिक करें :

Prof Ratan Lal’s arrest: Hindu right-wing is yet again shaken by an outspoken Ambedkarite intellectual

 उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in

[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

लेखक के बारे में

अभय कुमार

जेएनयू, नई दिल्ली से पीएचडी अभय कुमार संप्रति सम-सामयिक विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन करते हैं।

संबंधित आलेख

मध्य प्रदेश : बालाघाट में 19 आदिवासी बच्चों की मौत
जिन गांवों में बच्चों की मौत हो रही है, वहां सड़क, स्वास्थ्य, पानी जैसी अन्य सुविधाओं का घोर अभाव है। बच्चे कुपोषित हैं। लोगों...
बिहार में सामंती उत्पीड़न और दलित-पिछड़े मजदूरों पर बढ़ते हमले
रोहतास में चंद्रेश्वर चौधरी की हत्या के बाद नवादा में एक गरीब महिला मजदूर द्वारा अपनी मजदूरी मांगना यदि उसके खिलाफ ऐसी बर्बर यौन...
‘जातिगत जनगणना जातियों के नाम की गणना नहीं’
“अगर यह सुनिश्चित किया जाना है कि ओबीसी से संबंधित आंकड़े वैज्ञानिक और विश्वसनीय हों तो हम गणना के बाद लाखों जातियों में से...
पिछड़े वर्ग की चेतना की कीमत पर जातिगत जनगणना करा रही सरकार
गत 14 अगस्त, 2026 को जारी अधिसूचना में जातियों के नाम पूछे जा सकते हैं, लेकिन वह जाति समूह के किस वर्ग में आते...
जातिगत जनगणना : हाथी नहीं, हाथी की पूंछ
गजट के जरिए जारी अधिसूचना के प्रश्न संख्या 10 में केवल “अनुसूचित जाति (अ.जा.)/अनुसूचित जनजाति (अ.ज.जा.)/जाति” का कॉलम है। अलग से ओबीसी/अन्य पिछड़ा वर्ग...