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छत्तीसगढ़ में भाजपा खेल रही ओबीसी दांव

हिंदुत्व कार्ड खेलने में भी कांग्रेस ने भाजपा को बहुत पीछे छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग कोरिया जिले से लेकर दक्षिण में सुकमा जिले तक विशाल राम वनगमन पथ बनाया जा रहा है। गोबर की खरीदी के साथ ही गौमूत्र की भी खरीदारी कांग्रेस सरकार कर रही है। बता रहे हैं डॉ. नरेश कुमार साहू

भूपेश बघेल की कांग्रेसी सरकार के पहले 15 साल तक छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनावी वर्ष मुद्दाविहीन हो गई है। सूचना यह भी मिल रही है कि इस बार वह अपने 80 फीसदी विधायकों का टिकट काटने वाली है। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का टिकट भी राजनांदगांव से कटने का कयास लगाया जा रहा है।

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपने प्रदेश संगठन में व्यापक फेरबदल किया है। उसकी नजर अब ओबीसी वोट बैंक पर है। इसलिए प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष अरुण साव को बनाया गया है जो कि वर्तमान में बिलासपुर लोकसभा से सांसद हैं। वे तेली जाति के हैं और ओबीसी वर्ग में आते हैं। 

ध्यातव्य है कि चुनाव से एक साल पहले एक आदिवासी अध्यक्ष को बदलकर ओबीसी को मुख्यमंत्री बनाए जाना का मतलब साफ़ है कि भाजपा की कवायद ओबीसी वोट बैंक को साधने की है। यह भी उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक आबादी ओबीसी समुदाय की है औ इनमें सबसे अधिक आबादी तेली जाति के लोगों की है। 

भाजपा ने एक और अहम बदलाव किया है। विधानसभा में विपक्ष का नेता रहे धरमलाल कौशिक को हटाकर जांजगीर-चांपा के विधायक नारायण चंदेल को यह जिम्मेदारी दी गयी।

बताते चलें कि छत्तीसगढ़ में भाजपा को छोड़कर सभी प्रमुख पार्टियों के प्रदेश अध्यक्ष आदिवासी व बस्तर संभाग से हैं। मसलन, कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम हैं जो कि कोंडागांव (बस्तर) से विधायक हैं। वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी हैं। ये भी बस्तर संभाग के रहनेवाले हैं। ऐसे ही बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत पोयाम हैं। 

दरअसल, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने भाजपा के पास कोई भी मुद्दा छोड़ा ही नहीं है, जिसे लेकर भाजपा चुनाव में भूपेश बघेल को दमदार चुनौती दे सके। इस सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों का कर्ज माफ़ कर दिया। साथ ही, धान की कीमत बढ़ाकर 2500 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया। हरेली-तीजा-पोला के साथ ही गुरू घासीदास जयंती, कर्मा माता जयंती, छेरछेरा पुन्नी पर सरकारी अवकाश की घोषणा कर सरकार ने सभी वर्गों को संतुष्ट करने की कोशिशें की।

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हिंदुत्व कार्ड खेलने में भी कांग्रेस ने भाजपा को बहुत पीछे छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग कोरिया जिले से लेकर दक्षिण में सुकमा जिले तक विशाल राम वनगमन पथ बनाया जा रहा है। गोबर की खरीदी के साथ ही गौमूत्र की भी खरीदारी कांग्रेस सरकार कर रही है। वहीं चंदखुरी, रायपुर में कौशल्या मंदिर व राम की विशालकाय मूर्ति का निर्माण सरकार द्वारा करवा दिया गया है। बीते 1 नवंबर, 2022 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी की आदमकद मूर्ति रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर के पास अनावरण किया गया। 

जाहिर तौर पर सूबाई सियासत में कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे के खिलाफ रणनीतियों में जुटी हैं। लेकिन मूल सवाल यह है कि क्या भाजपा बनने की कवायद कर रही कांग्रेस को वाकई में इसका लाभ मिलेगा? वजह यह कि कांग्रेस अभी भी अपने अंदरूनी विवादों को सुलझाने में नाकाम रही है।

(संपादन : नवल/अनिल)


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लेखक के बारे में

नरेश कुमार साहू

रायपुर निवासी लेखक डॉ. नरेश कुमार साहू पोस्ट डॉक्टोरल फेलो हैं तथा सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों पर नियमित रूप से लेखन करते हैं

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