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जातिगत जनगणना आज की ज़रूरत : डी.के. शिवकुमार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस देश को बनाने और इसके विकास में ओबीसी समुदाय का सबसे ज़्यादा योगदान रहा है। इसलिए ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए जातिगत जनगणना आज की ज़रूरत है और यह सामाजिक न्याय के लिए ज़रूरी है। पढ़ें, यह खबर

राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ का 11वां राष्ट्रीय अधिवेशन बीते 7 अगस्त, 2026 को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित किया गया। इसमें देश भर के ओबीसी समुदाय के लोगों ने भाग लिया। जातिगत जनगणना की अनिवार्यता के अलावा इस अधिवेशन में 26 प्रस्ताव पास हुए।

अधिवेशन का उद्घाटन कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस देश को बनाने और इसके विकास में ओबीसी समुदाय का सबसे ज़्यादा योगदान रहा है। इसलिए ओबीसी के हितों की रक्षा के लिए जातिगत जनगणना आज की ज़रूरत है और यह सामाजिक न्याय के लिए ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी जाति के हिसाब से जनगणना का साफ़ तौर पर समर्थन किया है।

अधिवेशन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बधाई वीडियो मैसेज ब्रॉडकास्ट किया गया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के काम की तारीफ़ की और समुदाय की तरक्की की कामना की। वहीं महाराष्ट्र के ओबीसी विभाग के मंत्री अतुल सावे ने ओबीसी समुदाय के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।

अधिवेशन को संबोधित करते कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार

अधिवेशन में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वी.के. हरिप्रसाद, महाराष्ट्र सरकार में ओबीसी विभाग के मंत्री अतुल सावे, कर्नाटक विधान परिषद की उपसभापति उमाश्री, महाराष्ट्र के विधायक परिणय फुके, अभिजीत वंजारी और सुधाकर अडबले, तेलंगाना के सांसद ईटेला राजेंद्र, कर्नाटक के पूर्व मंत्री रेवन्ना, तेलंगाना के विधायक मधुसूदन चारी, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री महादेव जानकर आदि ने मंच से संबोधन किया।

अधिवेशन में ओबीसी समुदाय के हक से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। इनमें जाति के हिसाब से जनगणना तुरंत लागू करने, आरक्षण को बचाने, नौकरी के मौकों को बढ़ाने, आर्थिक विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने आदि विषय शामिल रहे।

अधिवेशन में मौजूद लोग

इस मौके पर स्मारिका का विमोचन गणमान्य लोगों ने किया। देश भर से आए प्रतिनिधियों ने ओबीसी समुदाय के जायज़ अधिकारों के लिए संगठित तरीके से लड़ाई तेज़ करने का अपना इरादा ज़ाहिर किया। महासंघ के महासचिव सचिन राजुरकर ने घोषणा की कि अगले साल महासंघ का 12वां अधिवेशन मध्य प्रदेश के उज्जैन में आयोजित होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बबनराव तायवाड़े ने की। कार्यक्रम के आयोजन में शेषराव येलेकर, श्रीनिवास जंगुला, शंकर अन्ना, किरण पांडव, प्रकाश साबले, शरद वानखेड़े, गुणेश्वर अरेकर, दिनेश चोखरे, सुभाष घाटे, प्रकाश भागरथ, सूरज बेलोकर, मधु नाइक, सतपाल सोखी, डॉ. विजय चौधरी, राजू गिरी रत्नमाला पिसे, ज्योतिताई ढोकने आदि ने अहम भूमिका निभाई। 

(संपादन : नवल/अनिल)


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