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जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम की मांग को लेकर दिसंबर में बड़े आंदोलन का ऐलान

बैठक में मांग की गई कि वर्ष 2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए स्वतंत्र एवं पृथक कॉलम शामिल किया जाए, ताकि ओबीसी समाज की जातिवार जनसंख्या का सही आंकड़ा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा जनगणना में पूछे जाने वाले ओपन-एंडेड प्रश्नों के स्थान पर जातियों की ड्रॉप-डाउन सूची तैयार की जाए, ताकि जातिवार आंकड़ों का व्यवस्थित संकलन हो सके। पढ़ें, यह खबर

गत 8 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ, बीसी वेलफेयर एसोसिएशन तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश तथा देशभर के विभिन्न ओबीसी संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देशभर से ओबीसी संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में सर्वसम्मति के उपरांत घोषणा की गई कि आगामी 14 दिसंबर, 2026 को जंतर-मंतर पर धरना और 15 दिसंबर, 2026 को संसद तक महामोर्चा निकाला जाएगा।

बैठक में प्रमुख रूप से बिहार के सांसद पप्पू यादव, सीपीआई के पूर्व सांसद डी. राजा, हरियाणा के पूर्व सांसद राजकुमार सैनी, तेलंगाना के पूर्व सांसद वी. हनुमंतराव, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बबनराव तायवाडे, बीसी वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जाजुला श्रीनिवास गौड़, राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के महासचिव सचिन राजुरकर, बीसी वेलफेयर एसोसिएशन (आंध्र प्रदेश) के अध्यक्ष केसना शंकरराव, छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक लेखराम साहू, महाराष्ट्र ओबीसी आयोग के पूर्व सदस्य इकबाल अंसारी तथा पंजाब के इंद्रजीत सिंह सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे।

भारत सरकार द्वारा जनगणना संबंधी राजपत्र में जारी प्रश्नावली की सूची में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण ओबीसी संगठनों द्वारा चिंता व्यक्त की गई। बैठक में मांग की गई कि वर्ष 2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए स्वतंत्र एवं पृथक कॉलम शामिल किया जाए, ताकि ओबीसी समाज की जातिवार जनसंख्या का सही आंकड़ा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा जनगणना में पूछे जाने वाले ओपन-एंडेड प्रश्नों के स्थान पर जातियों की ड्रॉप-डाउन सूची तैयार की जाए, ताकि जातिवार आंकड़ों का व्यवस्थित संकलन हो सके। बैठक में यह मांग की गई कि केंद्र सरकार में ओबीसी के लिए स्वतंत्र मंत्रालय स्थापित किया जाए।

बैठक में शामिल विभिन्न ओबीसी संगठनों के प्रतिनिधि

बैठक में क्रीमीलेयर की सीमा नहीं बढ़ाए जाने पर चिंता व्यक्त की गई। सनद रहे कि 13 सितंबर, 2017 से ओबीसी के लिए क्रीमी लेयर की आय-सीमा में वृद्धि नहीं हुई है। इसके कारण बड़ी संख्या में ओबीसी युवाओं को आरक्षण के अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है। बैठक में यह मांग भी की गई कि महात्मा जोतीराव फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले को मरणोपरांत भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाए।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने ओबीसी समाज को जनसंख्या के अनुपात में न्यायसंगत अधिकार एवं हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प व्यक्त किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ की ओर से संतोष गुप्ता, संजय साहू, शिवप्रसाद शाह, शरद वानखेड़े, गुणेश्वर आरिकर, संजय ढवस, प्रकाश भागरथ, सूरज बेलोकर, शकील पटेल, सतपाल सोखी, रवि झाड़े, मुकेश पुडके, सुभाष फेरम तथा रत्नमालाताई पिसे, निरुपमा ब्रह्मे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं बीसी वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से विक्रम गौड़, शाम कुर्मा, क्रांति कुमार, नागेश्वर राव और मनी मंजिरी सहित अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया।

(संपादन : नवल/अनिल)


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