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सम-सामयिकी

बसपा : एक हितैषी की नजर में
राजनीति में ऐसे दौर आते हैं और गुजर भी जाते हैं। बसपा जैसे कैडर आधरित पार्टी दोबारा से अपनी ताकत प्राप्त कर सकती है, लेकिन इसके लिए उसे ऐसे सहयोगी चाहिए, जो लंबे समय तक...
यूपी के पूर्वांचल में इन कारणों से मोदी-योगी के रहते पस्त हुई भाजपा
पूर्वांचल में 25 जिले आते हैं। इनमें वाराणसी, जौनपुर, भदोही, मिर्ज़ापुर, गोरखपुर, सोनभद्र, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, संत कबीरनगर, बस्ती, आजमगढ़, मऊ, ग़ाज़ीपुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, चंदौली, अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर। इन जिलों...
बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से मेरी हार में ही जीत की ताकत मौजूद है : श्रवण कुमार निराला
श्रवण कुमार निराला उत्तर प्रदेश के बांसगांव लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी रहे। हालांकि इस चुनाव में उन्हें केवल 4142 मत प्राप्त हुए। लेकिन गोरखपुर व आसपास के इलाके में दलित-बहुजन आंदोलन चलानेवाले निराला इस...
उत्तर प्रदेश में गैर-जाटव दलितों के रूख से कांग्रेस के लिए बढ़ीं उम्मीदें
संविधान बचाने का मुद्दा इतना असरदार था कि दलित समाज की दो बड़ी जातियां – कोरी और धोबी – को इंडिया गठबंधन द्वारा एक भी टिकट नहीं दिए जाने के बावजूद बड़े पैमाने पर इन...
दो कार्यकाल से ज्यादा न हो किसी एक व्यक्ति का प्रधानमंत्रित्व काल
इंदिरा गांधी ने अपनी दूसरी पारी में इमरजेंसी लगाई, मगर 1977 के चुनाव ने देश को बचा लिया।...
छत्तीसगढ़ : इस कारण सतनामी समाज के लोगों का आक्रोश बढ़ा
डिग्री प्रसाद चौहान कहते हैं कि जैतखाम को बिहार के तीन गरीब मजदूरों द्वारा आरी से काटे जाने...
सामाजिक न्याय की जीत है अयोध्या का जनादेश
जीत का श्रेय समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने बहुत ही बड़ा...
अलहदा नहीं है हुक्मरान द्वारा संविधान को माथे से लगाने की मजबूरी
जीतन राम मांझी इसी संविधान का परिणाम हैं। उन्होंने उस प्रधानमंत्री के बग़ल में खड़े होकर पद और...
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