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सम-सामयिकी

उत्तर प्रदेश : यूजीसी इक्विटी नियमावली लागू करने की मांग अब गांव और कस्बों में भी
भाजपा सरकार बहुजन समुदाय के लिए लाए जा रहे सकारात्मक कानून को कोर्ट के जरिए रुकवा दे रही है। वहीं ईडब्ल्यूएस आरक्षण को उसी कोर्ट द्वारा आसानी से मंजूरी दिलवा दिया जा रहा है। सम्मेलन...
पंजाब विश्वविद्यालय : एक दलित प्रोफ़ेसर की आपबीती
दलित समुदाय से आने वाले डॉ. हरप्रीत सिंह के साथ नौकरी ज्वाइन करने वाले उनके सवर्ण सहकर्मी आज विभागाध्यक्ष हैं, जबकि वे पिछले 18 सालों से उसी पे-ग्रेड पर काम कर रहे हैं। वे दो-दो...
बिहार विधानसभा में ‘ब्राह्मण’ शब्द का असंसदीय हो जाना
यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लागू करने की मांग करते हुए माले के विधायक संदीप सौरभ ने ‘ब्राह्मणवादी मानसिकता’ की बात कही थी, लेकिन सदन में मौजूद सत्ता पक्ष के लोगों को यह नागवार गुजरा। उन्होंने ‘ब्राह्मणवाद’...
ब्राह्मणवादी कर्मकांडों से परे एक विदाई : बुद्ध शरण हंस की स्मृति में गूंजे आंबेडकरवादी सरोकार
बुद्ध शरण हंस के निधन के बाद उनके परिवार और बिहार के नागरिक समाज ने जिस तरह की सामाजिक-सांस्कृतिक नजीर पेश की, उसने पारंपरिक ब्राह्मणवादी मृत्यु संस्कारों से अलग बहुजन वैचारिकी की स्पष्ट अभिव्यक्ति की।...
एक किताब, जिसमें दर्ज है मीडिया में दलित-बहुजनों के प्रति हिकारत के दास्तान
न्यूज़रूम में दलितों और आदिवासियों को अख़बार के सवर्ण समाज से आने वाले मालिकों, मैनेजरों और संपादकों का...
श्रम की गरिमा : भारत में पवित्रता और प्रदूषण की अवधारणाएं
जब तक हम यह मानते रहेंगे कि शारीरिक श्रम केवल विशिष्ट जातियों और लिंग के व्यक्तियों के हिस्से...
चुप्पी से प्रतिरोध तक का मेरा सफ़र
आंबेडकर और फुले के ज़रिए मैंने जाना कि अंधविश्वास किस तरह दमनकारी व्यवस्था को बनाए रखते हैं। पैकपेट...
स्मृतियां शेष : मुक्ति तिर्की के कारण झामुमो को मिला था ‘तीर-धनुष’
झामुमो की आज की पीढ़ी को इस बात का पता नहीं होगा कि यह मुक्ति तिर्की का कितना...
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