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दलित-बहुजन पेज – 3, जनवरी 2015

दलित तमिल लेखक पूमणि को, उनके उपन्यास 'अग्नादी' के लिए, 2014 के साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह उपन्यास 19वीं सदी के प्रारंभ से लेकर लगभग 170 वर्षों की अवधि में विरुधुनगर जिले के गांवों के कुछ परिवारों की जि़न्दगी पर केन्द्रित है

दलित उपन्यासकार को साहित्य अकादमी

नई दिल्ली : दलित तमिल लेखक पूमणि को, उनके उपन्यास ‘अग्नादी’ के लिए, 2014 के साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह उपन्यास 19वीं सदी के प्रारंभ से लेकर लगभग 170 वर्षों की अवधि में विरुधुनगर जिले के गांवों के कुछ परिवारों की जि़न्दगी पर केन्द्रित है। करीब 1200 पृष्ठों का यह उपन्यास, पिछले 200 वर्षों में इस क्षेत्र में हुए जातिगत संघर्ष का विवरण देता है। इस कृति को प्रथम गीतांजलि साहित्य पुरस्कार से भी नवाज़ा गया है।

 

स्त्रीकाल देगी ‘सावित्री बाई सम्मान’

वर्धा : स्त्रीवादी पत्रिका स्त्रीकाल, स्त्रीवादी आलोचना के लिए ‘प्रथम सावित्री बाई फुले सम्मान’ देगी। निर्णायक मंडल में अर्चना वर्मा, अरविन्द जैन, अनिता भारती, हेमलता माहिश्वर और परिमला आम्बेकर हैं।

 

नई दिल्ली : गत 22 नवम्बर को संसद भवन के केंद्रीय कक्षा में श्योराज सिंह बेचैन को राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान से विभूषित करते डाक्टर सरोजिनी महेषी (अध्यक्ष संसदीय हिंदी परिषद्), उर्मिल सत्यभूषण (अध्यक्ष परिचय साहित्य परिषद्) व संतोष खन्ना (सचिव विधि भारती परिषद)।

 


लुधियाना :
देश भर में जगह-जगह डा. आम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये गये। पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल लुधियाना में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यअतिथि थे।

(फारवर्ड प्रेस के जनवरी, 2015 अंक में प्रकाशित )


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