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आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि संरक्षण की व्यवस्था है : अनुप्रिया पटेल

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मानती हैं कि आज भी वे अपने पिता सोनेलाल पटेल के बताये रास्ते पर चल रही हैं। एससी-एसटी और ओबीसी उनकी प्राथमिकता में हैं। फारवर्ड प्रेस से विशेष बातचीत

आरक्षण को लेकर जब-तब दबी जुबां सवाल खड़े किए जाते हैं। कभी कोई इसके तौर-तरीके पर सवाल खड़े करता है तो कभी कोई समीक्षा और पुर्नसमीक्षा की बात करता है लेकिन हर बार ऐसे सवाल करने वालों को मुंह की खानी पड़ती है। ऐसा संभव केवल और केवल समाज के निचले तबके की एकजुटता की वजह से हो पा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल का तो साफ मानना है कि आरक्षण को लेकर सवाल करने वाले बिना होम वर्क वाले स्टूडेंट की तरह होते हैं। होम वर्क करने वाला स्टूडेंट इस तरह के सवाल खड़े कर ही नहीं सकता है। इस विषय पर केंद्रीय मंत्री से फारवर्ड प्रेस की हुई बातचीत के संपादित अंश :

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लेखक के बारे में

कुमार समीर

कुमार समीर वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा समेत विभिन्न समाचार पत्रों में काम किया है तथा हिंदी दैनिक 'नेशनल दुनिया' के दिल्ली संस्करण के स्थानीय संपादक रहे हैं

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