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दलितों और ओबीसी का विकास टुकड़ों-टुकड़ों में नहीं हो सकता : सुनील आंबेकर

आरएसएस की नजर में आरक्षण सामाजिक समरसता बनाने का उपक्रम है। आरएसएस से संबद्ध सुनील आंबेकर फारवर्ड प्रेस से बातचीत में बता रहे हैं आरक्षण और नई शिक्षा नीति के संदर्भ में आरएसएस के नजरिए के बारे में

पर्दे के पीछे

(अनेक ऐसे लोग हैं, जो अखबारों की सुर्खियों में  भले ही निरंतर न हों, लेकिन उनके कामों का व्यापक असर मौजूदा सामाजिक-सांस्कृतिक व राजनीतिक जगत पर है। बातचीत के इस स्तंभ में हम पर्दे के पीछे कार्यरत ऐसे लोगों के दलित-बहुजन मुद्दों से संबंधित विचारों को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस कडी में  प्रस्तुत है, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबद्ध समाज-राजनीतिकर्मी सुनील आंबेकर से कुमार समीर की बातचीत। स्तंभ में प्रस्तुत विचारों पर पाठकों की प्रतिक्रिया का स्वागत है। -प्रबंध संपादक)


बदलाव के लिए सामाजिक समरसता जरूरी : सुनील आंबेकर

  • कुमार समीर

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने फारवर्ड प्रेस से खास बातचीत में कहा कि आरक्षण समय की मांग है और इसमें अभी काफी काम होना बाकी है। जब तक सामाजिक समरसता कायम नहीं होती है, तब तक यह जारी रहना चाहिए। प्रस्तुत है बातचीत का संपादित अंश :

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लेखक के बारे में

कुमार समीर

कुमार समीर वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा समेत विभिन्न समाचार पत्रों में काम किया है तथा हिंदी दैनिक 'नेशनल दुनिया' के दिल्ली संस्करण के स्थानीय संपादक रहे हैं

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