h n

विश्लेषण

-

क्लिक करें :

The loneliness of Prof Imtiaz Ahmad

 उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in

[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

लेखक के बारे में

अभय कुमार

जेएनयू, नई दिल्ली से पीएचडी अभय कुमार संप्रति सम-सामयिक विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन करते हैं।

संबंधित आलेख

सावरकर बनाम हम : गांधी की जगह सावरकर को राष्ट्रपिता बनाना चाहते हैं आरएसएस-भाजपा
आरएसएस-भाजपा और दक्षिणपंथी बुद्धिजीवी चाहते हैं कि गांधी-नेहरू की विरासत का स्थान सावरकर ले लें क्योंकि उन्हें पता है कि कांग्रेस का यदि आज...
यूजीसी रेगुलेशन के पक्ष में बोलें सामाजिक न्याय की सियासत करने वाले नेता
उत्तर भारत की दलित-ओबीसी पार्टियों ने संशय की स्थिति में न केवल सामाजिक अपितु राजनीतिक स्तर पर लामबंदी का बड़ा अवसर खो दिया है।...
यूजीसी रेगुलेशन : इन कारणों से जरूरी है दलित-बहुजनों की यह लड़ाई
विश्वविद्यालयों में बहुजन छात्रों के ख़िलाफ़ गहरे और व्यवस्थित भेदभाव का एक प्रमुख कारण यह है कि प्रशासन अक्सर उच्च जाति की लॉबी से...
यूजीसी रेगुलेशन : बिहार के चप्पे-चप्पे में दलित-बहुजनों का हल्ला बोल
सिवान जिले के प्रिंस पासवान कहते हैं कि मुट्ठी भर लोगों के विरोध से एक बड़ी आबादी को भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करने वाले...
यूजीसी रेगुलेशन : सच्चाई से मुंह मोड़ रहे हैं इसके विरोधी
ऊंची जाति के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव की इक्का-दुक्का घटनाएं हो सकती हैं, मगर एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों को संरचनात्मक बहिष्करण का सामना...