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बातें नथाराम और श्रीकृष्ण पहलवान की

नथाराम दो सौ से भी ज्यादा संगीत नाटकों के लेखक माने जाते हैं। पर वास्तव में उनमें अधिकांश के लेखक उस्ताद इंदरमन, चिरंजीलाल, और रूपराम थे। 1920 तक इन सभी की मृत्यु हो चुकी थी। इसलिए जितने भी नाटक प्रकाशित हुए, उन पर नथाराम शर्मा गौड़ का ही नाम गया। इनके अलावा प्रसिद्ध नौटंकीकार श्रीकृष्ण पहलवान को याद कर रहे हैं कंवल भारती

जिस तरह हरियाणा के लोक कलाकारों ने रागनी गायकी को बचाकर रखा है और उसको आगे बढ़ा रहे हैं, उस तरह वे सांग को नहीं बचा सके। शायद ही सांग अब प्रचलन में भी हो। इसी तरह उत्तर प्रदेश की नौटंकी और राजस्थान का ख्याल अथवा खेल भी अब शायद ही अस्तित्व में हो। मेरी जानकारी गलत भी हो सकती है।

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लेखक के बारे में

कंवल भारती

कंवल भारती (जन्म: फरवरी, 1953) प्रगतिशील आम्बेडकरवादी चिंतक आज के सर्वाधिक चर्चित व सक्रिय लेखकों में से एक हैं। ‘दलित साहित्य की अवधारणा’ ‘स्वामी अछूतानंद हरिहर संचयिता’ आदि उनकी प्रमुख पुस्तकें हैं। उन्हें 1996 में डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार तथा 2001 में भीमरत्न पुरस्कार प्राप्त हुआ था।

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