h n

दिनेश खटिक इस्तीफा प्रकरण : दलित राजनीतिक उत्पीड़न से कैसे दूर रह सकते हैं?

संसदीय राजनीति में वर्चस्व की विचारधारा द्वारा प्रतीकों का अपने अनुकूल इस्तेमाल करने का यह दौर है। दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के प्रतिनिधियों के मंत्रिमंडल में शामिल होने का बहुत बढ़ा-चढ़ाकर प्रचार किया जाता है, लेकिन यह कभी नहीं बताया जाता है कि सही अर्थों में उनके पास किस तरह की जिम्मेदारी है और उसका किसके हित में कितना इस्तेमाल हो रहा है। बता रहे हैं अनिल चमड़िया

उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्री दिनेश खटिक का केन्द्र सरकार के गृह मंत्री एवं राज्यपाल को भेजा गया इस्तीफा दो तरह की स्थितियों का बयान करती है। पहली स्थिति तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में वर्ण व्यवस्था के तहत शुद्र और अछूत माने जाने वाली जातियों की स्थिति है। और दूसरी स्थिति सत्ता की होड़ में शामिल होने वाली इन जातियों के सदस्यों का जातीय उत्पीड़न के दंश और सत्ता में बने रहने के अंतर्विरोध की है।

पूरा आर्टिकल यहां पढें : दिनेश खटिक इस्तीफा प्रकरण : दलित राजनीतिक उत्पीड़न से कैसे दूर रह सकते हैं?

लेखक के बारे में

अनिल चमड़िया

वरिष्‍ठ हिंदी पत्रकार अनिल चमडिया मीडिया के क्षेत्र में शोधरत हैं। संप्रति वे 'मास मीडिया' और 'जन मीडिया' नामक अंग्रेजी और हिंदी पत्रिकाओं के संपादक हैं

संबंधित आलेख

झारखंड में राज्यसभा चुनाव : लोकतंत्र को धन्नासेठ की चुनौती
जिस भाजपा को खुद यकीन नहीं कि वह चार विधायकों को जुटा सकेगी, उसने नाथवानी नामक रेस के घोड़े पर दांव लगा दिया है,...
अमित शाह के हत्थे चढ़ गए उपेंद्र कुशवाहा
सम्राट चौधरी के रहते अब भाजपा को दूसरे कोईरी नेता की जरूरत नहीं रही। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को सम्राट चौधरी के मंत्रिपरिषद...
हाशिए पर धकेल दिए गए महानायक के जीवन-संघर्ष का सिनेमाई दस्तावेज
फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह जगदेव प्रसाद के जीवन को किसी चमत्कारी नायक की कथा में बदलने के बजाय उनके...
कॉकरोच जनता पार्टी का उभार : एक आंबेडकरवादी विश्लेषण
कोई भी आंदोलन हो, कोई भी पार्टी हो, कोई भी लीडर हो यह देखा जाना चाहिए कि इस पार्टी के मज़बूत होने से क्या...
ओमप्रकाश कश्यप, डॉ. रमाकांत ठाकुर व नवल किशोर कुमार को मिला संतराम बी.ए. स्मृति-सम्मान
संतराम बी.ए. सम्मान-2024 से सम्मानित डॉ. रमाकांत ठाकुर ने बहुजन वैचारिकी के बारे में विस्तार से बताया और इस बात पर एक तरह से...