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दबंगई छोड़ कबीर-रैदास को अपनाएं, तेजस्वी यादव ने दी अपने नेताओं को सलाह

तेजस्वी ने अपने दल के नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने आचरण में कबीर और रैदास की शिक्षा का पालन करें। उन्होंने कबीर के पद का उद्धरण देते हुए कहा कि ताड़-खजूर का पेड़ चाहे कितना भी ऊंचा क्यों न हो, वह छाया नहीं देता है। अरुण आनंद की खबर

गत 21 सितंबर, 2022 को बिहार की राजधानी पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का प्रदेश कार्यालय का सभागार खचाखच भरा था। मौका था राजद के प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की घोषणा का। इस मौके पर दूसरी बार निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने गए जगदानंद सिंह को बधाई देने के लिए पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में प्रस्ताव किया कि पार्टी के हर बैनर और पोस्टर पर कबीर और रैदास की तस्वीर लगायी जाय। साथ ही उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से दबंगई छोड़ने की बात भी कही।

अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने भूतपूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने दल के नेताओं, कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि दल में सभी तबकों के लोगों को जोड़ने के लिए पहल करें। जो कमजोर हैं, उन्हें मजबूत करने की दिशा में पहल करें। 

तेजस्वी ने अपने दल के नेताओं को समझाते हुए कहा कि वे अपने आचरण में कबीर और रैदास की शिक्षा का पालन करें। उन्होंने कबीर के पद का उद्धरण देते हुए कहा कि ताड़-खजूर का पेड़ चाहे कितना भी ऊंचा क्यों न हो, वह छाया नहीं देता है। 

इसके साथ ही तेजस्वी ने कहा कि इन दोनों महापुरुषों के संदेश में मानवीय मूल्य निहित हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि पार्टी के हर पोस्टर, बैनर में कबीर, रैदास तस्वीर फोटो लगाए जाएं। इनका चेहरा सामने होगा तो हम सभी को एहसास रहेगा कि हमें कैसे और क्या करना है।

तेजस्वी यादव, उपमुख्यमंत्री, बिहार

इस मौके पर तेजस्वी ने जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी समाज के हर एक को साथ लेकर चलती है। हिन्दू-मुस्लिम, स्त्री-पुरुष, दलित-अगड़े सबके लिए काम करना है, सबके हितों का ख्याल रखती है। उन्होंने कहा कि जब तक गरीबों को दल के नेता और कार्यकर्ता अपने सीने से नहीं लगाएंगे, मान-सम्मान नहीं देंगे तब तक धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की बात बेमानी है। 

उन्होंने कहा कि बिहार के समाजवादियों ने देश भर के लोेगों के मन में एक उम्मीद पैदा की है कि भाजपा का कोई अगर इलाज है तो वह समाजवाद है और सामाजिक न्याय है। आनेवाले 2024 में लोकसभा चुनाव भाजपा को हराने के लिए अभी से एकजुट होना होगा। 

तेजस्वी ने अपने नेताओं को समझाते हुए कहा कि “हुड़दंग एकदम नहीं मचाइये, दबंगई एकदम नहीं दिखाइए। अपने व्यवहार में, जो शारीरिक भाषा है उसमें भी अपनापन दिखाने की कोशिश कीजिए।”

अंत में, तेजस्वी यादव ने आगामी 9-10 अक्टूबर, 2022 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन के बारे में जानकारी दी और सभी से उसमें शामिल होने की अपील की।

(संपादन : नवल/अनिल)


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अरुण आनंद

लेखक पटना में स्वतंत्र पत्रकार हैं

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