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राजस्थान में आरएसएस के कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर हड़पे जाने पर दलित पुजारी ने मोहन भागवत से लगाई गुहार

“संघ के जातिवादी स्वयंसेवकों द्वारा पैदा किए गए विवाद की आड़ में राजस्थान की भाजपा सरकार ने भाजपा विधायक जबर सिंह सांखला और प्रशासन की मदद से हम दलित पुजारियों से श्री खाकुल देव मंदिर जो कि हमारे पूर्वजों ने बनाया था और जो हमारा निजी मंदिर है, उसे रिसीवरी में लेकर तहसीलदार के अधीन करके हमसे हड़प लिया है।” पढ़ें, यह पत्र

[प्रस्तुत पत्र के लेखक विष्णु कुमार बलाई हैं। उनका कहना है कि वे आसींद तहसील के बराना गांव का निवासी हैं और गांव में अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित प्राचीन खाकुल देव जी मंदिर के पुजारी हैं। अपने पत्र में वे उल्लेखित करते हैं कि कैसे उनके पूर्वजाें के मंदिर को हड़प लिया गया है और उनके व उनके परिवार पर हमले किए गए। पत्र विष्णु कुमार बलाई द्वारा फोन पर सहमति दिए जाने के उपरांत यहां वाक्य विन्यास संबंधी त्रुटियों को दूर करने के उद्देश्य से किए गए आंशिक संशोधन के साथ प्रकाशित है।]

सेवा में,

श्रीमान डॉ. मोहन भागवत जी

सरसंघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,

डॉ. हेडगेवार भवन, संघ बिल्डिंग रोड, महल चौक,

नागपुर, महाराष्ट्र-440032

विषय : दलित पुजारी से संघ कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर हड़पने जाने की कोशिश के संबंध में

महोदय जी,

मैं विष्णु कुमार, पिता श्रवणलाल जी बलाई राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की आसींद तहसील के बराना गांव का निवासी हूं तथा गांव में मेरे पूर्वजों द्वारा स्थापित प्राचीन खाकुल देव जी मंदिर का पुजारी हूं। मेरे पिता श्रवण जी इस मंदिर के भोपाजी थे, इससे पूर्व मेरे दादाजी हरलाल जी भोपाजी थे। उन्हें भाव आता था और वे दीन-दुखियों को राहत प्रदान करते थे।

खाकुल देव जी मंदिर की स्थापना हमारे पुरखे घीसा जी बलाई ने भाद्रपद शुक्ल पक्ष, 13, शुक्रवार, विक्रम संवत 1681में एक चबूतरे के रूप में की थी। उनके बाद मेरे पूर्वज उदाजी बलाई ,धूला जी बलाई्, कालू जी बलाई, हरलाल जी पुजारी रहे। लगभग चार सौ वर्षों से हमारे परिवार ने ही इस मंदिर की सेवा-अर्चना की तथा इसे एक चबूतरे के रूप में स्थापित करके आज एक शिखरबंध भव्य मंदिर निर्मित किया है।

यह मंदिर गांव में तत्कालीन रियासत मेवाड़ द्वारा हमारे पूर्वजों को दिए गए ताम्रपत्र और भाट की पोथी में भी उल्लेखित है तथा इसके निर्माण व रखरखाव में गांववालों से किसी प्रकार की उगाही (चंदा) नहीं लिया गया, यह भक्तों के सहयोग तथा हमारी निजी संपत्ति से निर्मित किया गया। आज मंदिर में पानी हेतु प्याऊ तथा यात्रियों के ठहरने के लिए सराय आदि मौजूद हैं।

चार सौ वर्षों में कसी प्रकार का कोई विवाद नहीं रहा, लेकिन वर्ष 2023 से एक शराब कारोबारी संपत जाट जो कि आपके संघ का सक्रिय स्वयंसेवक है तथा जाट समुदाय से है, उसने विवाद शुरू कर दिया तथा उसके साथ बराना गांव के ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक से जुड़े तृतीय वर्ष शिक्षित कुछ अन्य स्वयंसेवक भी जुड़ गए और उन्होंने वर्र्ष 2024, 2025 में मंदिर में होने वाले वार्षिक मेले को रूकवा दिया तथा मंदिर से दूर मेला आयोजित करने पर हमें मजबूर किया गया।

हमलोग शांति तथा श्री खाकुल देव जी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए संघ के स्वयंसेवकों द्वारा हम दलित पुजारियों पर किये जा रहे अत्याचार को सहन करते रहे। हमने कोई विरोध नहीं किया, बल्कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु मंदिर के पुजारी की हैसियत से 51 सौ रुपए की राशि भी भिजवाई और संघ द्वारा आयोजित पथ संचालन का भी स्वागत किया। लेकिन बराना गांव के स्थानीय आरएसएस कार्यकर्ता हम दलितों को हिंदू नहीं मानते हैं, वे भयंकर जातिवादी हैं तथा छुआछूत व भेदभाव करते हैं और तरह-तरह से हमें उत्पीड़ित करते हैं।

खाकुल देव मंदिर के गर्भगृह में पीड़ित दलित पुजारी विष्णु कुमार बलाई

महोदय, गत वर्ष 14 अगस्त, 2025 को संघ के स्वयंसेवक शराब कारोबारी संपत जाट के नेतृत्व में अन्य स्वयंसेवकों ने गांव के कतिपय दलित विरोधी लोगों के साथ मिलकर श्री खाकुल देव जी मंदिर परिसर में दलित पुजारी के परिवार पर हमला किया, मारपीट की, जातिगत गाली-गलौज की तथा जबरन एक दान पात्र लाकर मंदिर में रख दिया तथा घोषणा कर दी कि अब से इस मंदिर पर दलित पुजारी परिवार का कोई काम नहीं है, इस मंदिर की सेवा, पूजा तथा पबंबंधन हम ग्रामीण करेंगे। इस हमले तथा हमारे निजी मंदिर पर इस तरह जबरन कब्जा किए जाने की हमने प्राथमिकी थाना आसींद में दर्ज करवाई तथा ज्ञापन भी दिया। लेकिन स्थानीय भाजपा विधायक जबर सिंह का इन दलित विरोधी संघ स्वयंसेवकों को संपूर्ण समर्थन प्राप्त होने के चलते कोई कार्यवाही नहीं की गई तथा बाद में अनुसूचित जाति के संगठनों द्वारा आवाज उठाने पर पुलिस जांच की गई और पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद भी दलित उत्पीड़न के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। उन्हें खुलेआम घूमने-फिरने की ढील दी गई। अंतत: आरोपियों ने हाईकोर्ट राजस्थान से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया और अब फिर से हमारे ऊपर अत्याचार कर रहे हैं।

श्रीमान न केवल संघ के स्थानीय स्वयंसेवकों ने हम पर हमला किया बल्कि गुपचुप तरीके से एक ट्रस्ट भी बना लिया, ताकि मंदिर पर कब्जा कर सकें। इतना ही नहीं, संपत जाट और अन्य आरएसएस कार्यकर्ताओं ने हम दलितों के खिलाफ सकल हिंदू समाज की महापंचायत भी की तथा दूसरे दिन भीलवाड़ा के जातिवादी मीडिया ने यह हेडलाइन बनाया कि– “बराना में गरजा सकल हिंदू समाज”। जबकि पूरी बराना ग्राम पंचायत में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं निवास करता है तो फिर संघ स्वयंसेवकों के नेतृत्व में यह सकल हिंदू समाज किसके खिलाफ गरजा? आप समझ ही गए होंगे कि हम दलितों के खिलाफ यहां सकल हिंदू समाज इकट्ठा हुआ और जमकर हमारे खिलाफ जहर उगला।

महोदय, आपके कर्मठ कार्यकर्ता और तृतीय वर्ष तक शिक्षित स्वयंसेवकों ने मंदिर में दलित पुजारी द्वारा स्थापित दान पात्र को कटर से कटवाया और दूर कहीं कुएं में फेंकवा दिया, जिसकी सीसीटीवी फुटेज [उपलब्ध कराए जाने] और शिकायत किए जाने के बावजूद मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया और उल्टे हमें ही धमकाया गया कि हम कार्यवाही करेंगे तो परिणाम भुगतना पड़ेगा।

संघ के जातिवादी स्वयंसेवकों द्वारा पैदा किए गए विवाद की आड़ में राजस्थान की भाजपा सरकार ने भाजपा विधायक जबर सिंह सांखला और प्रशासन की मदद से हम दलित पुजारियों से श्री खाकुल देव मंदिर जो कि हमारे पूर्वजों ने बनाया था और जो हमारा निजी मंदिर है, उसे रिसीवरी में लेकर तहसीलदार के अधीन करके हमसे हड़प लिया है। अब थाना, न पुलिस, न तहसीलदार, न प्रशासन और न ही कोर्ट और न ही भाजपा सरकार हमारी बात सुनती है। अब मंदिर में जाने और पूजा करने पर हमारे खिलाफ यही संघ के स्वयंसेवक संपत जाट और उनका पूरा समूह हमारे खिलाफ झूठी शिकायतें करता है और हमें स्थानीय थाने की सीआई श्रद्धा पचौरी पकड़ कर ले जाती हैं और हवालात में बंद करके धमकाती हैं कि तुम्हारी हिस्ट्रीशीट खोल दूंगी। प्रशासन के अन्य अधिकारी कहते हैं कि अभी तक तो सिर्फ रिसिवर नियुक्त किया है, जल्दी ही इस मंदिर को देवस्थान को सौंप देंगे।

महोदय, मैँ विष्णु कुमार जो कि वर्तमान में पुजारी हूं और खुद को हिंदू समाज का अंग मानता हूं तथा हिंदू रीति-रिवाज से श्री खाकुल देव जी के मंदिर की पूजा-पाठ करता हूं, मैं आसींद से लेकर भीलवाड़ा तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों के पास जाकर अपनी पीड़ा बताई तथा उन्हें कहा कि आपके संघ के तृतीय वर्ष तक शिक्षित स्वयंसेवक मुझ दलित पुजारी से मंदिर हड़प रहे हैं, लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। इसलिए विवश होकर मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं। आप संपूर्ण हिंदू समाज की बात करते हैं और समरसता की बात कहते हैं, आप जाति भेदभाव के विरुद्ध हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ‘एक कुआं, एक श्मशान, एक मंदिर’ का अभियान चला रहा है। लेकिन मुझ दलित पुजारी से संघ के ही स्वयंसेवकों ने मेरा अपना मंदिर हड़प लिया है और अब मुझे व मेरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजना चाहते हैं और जान से मार डालना चाहते हैं। आप जो बातें ऊपर कह रहे हैं, आपके स्वयंसेवक नीचे उसके ठीक विपरीत आचरण कर रहे हैं।

आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि ‘सकल हिंदू समाज’ के नाम पर मुझे आतंकित करना बंद करवाएं। स्वयंसेवकों को रोकें। मुझ दलित पुजारी से मंदिर न छीनें और राजस्थान की भाजपा सरकार से कहें कि वे मंदिर से रिसीवरी हटाकर मंदिर वापस हम दलितों को सौंपें और आरोपी स्वयंसेवकों के खिलाफ पुलिस व कानूनी कार्यवाही होने दे ताकि हम हिंदू के रूप में जीवन जी सकें।

आशा है कि आप मेरी प्रार्थना अवश्य सुनेंगे।

आदर सहित

विष्णु कुमार बलाई [स्वहस्ताक्षरित]

(पुजारी श्री खाकुल देव जी)

ग्राम-बराना, पोस्ट-बराना

तहसील-आसींद, भीलवाड़ा-311001

मो: 97834-56134

दस्तावेज संलग्न : 

  • रसीद, राम मंदिर
  • एफआईआर
  • पथ संचालन का स्वागत
  • हिंदू महापंचायत की खबर
  • दलित पुजारी परिवार पर हमले की खबर 

(संपादन : नवल/अनिल)

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एफपी डेस्‍क

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