h n

खानाबदोश जातियों के लिए बनेगा बोर्ड, अंतरिम बजट में सरकार की घाेषणा

सरकार राष्ट्रीय स्तर पर कल्याण विकास बोर्ड का गठन करेगी जो देश भर के घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदायों के लिए काम करेगी। इस बोर्ड की मुख्य जिम्मेवारी कल्याण व विकास योजनाओं की अनुशंसा करना और क्रियान्वित कराने की होगी

लोकसभा चुनाव के पहले अंतरिम बजट के दौरान सरकार ने कई घोषणाएं की। एक घोषणा देश के उपेक्षित घुमंतू व अर्द्ध घुमंतू जातियों/जनजातियों के कल्याण व विकास के लिए भी की गई। केंद्रीय वित्त, कॉरपोरेट मामले, रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने 1 फरवरी 2019 को संसद में अंतरिम बजट 2019-20 पेश करने के दौरान इसकी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत एक कल्याण विकास बोर्ड का गठन करेगी, जिसका उद्देश्य गैर अधिसूचित घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदायों के कल्याण और विकास कार्यक्रमों को क्रियान्वित करना होगा।

लोकसभा में अंतरिम बजट रखते पीयूष गोयल

उन्होंने कहा कि सरकार देश के सबसे वंचित वर्ग तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें गैर अधिसूचित, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन समुदायों तक विकास व कल्याण कार्यक्रम नहीं पहुंच पा रहे हैं और ये निरंतर पीछे छूटते जा रहे हैं।

(कॉपी संपादन : एफपी डेस्क)


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +917827427311, ईमेल : info@forwardmagazine.in

फारवर्ड प्रेस की किताबें किंडल पर प्रिंट की तुलना में सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। कृपया इन लिंकों पर देखें 

मिस कैथरीन मेयो की बहुचर्चित कृति : मदर इंडिया

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना 

दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

महिषासुर एक जननायक’

महिषासुर : मिथक व परंपराए

जाति के प्रश्न पर कबी

चिंतन के जन सरोकार

लेखक के बारे में

कुमार समीर

कुमार समीर वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सहारा समेत विभिन्न समाचार पत्रों में काम किया है तथा हिंदी दैनिक 'नेशनल दुनिया' के दिल्ली संस्करण के स्थानीय संपादक रहे हैं

संबंधित आलेख

बिहार : समाजवाद की कब्र पर भगवा झंडे की धमक
भाजपा ने चारों ओर से नीतीश को घेरने का पूरा इंतजाम कर लिया था। नीतीश कुमार के दिमागी हालत को भी भाजपा ने हथियार...
सामाजिक और राजनीतिक विमर्शों में नीतीश कुमार व उनकी सियासत 
यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह दौर वास्तव में ‘सुशासन’ का था, जैसा कि स्थापित मीडिया और सत्ता समर्थक वर्ग बार-बार प्रचारित...
‘वर्ष 2012 के रेगुलेशन से अधिक व्यापक व प्रभावकारी है नया रेगुलेशन’
ओबीसी बच्चों के साथ भी भेदभाव होता है। भारत की किसी यूनिवर्सिटी में ब्राह्मण और क्षत्रिय छात्रों के साथ जातीय भेदभाव का कोई आरोप...
दिल्ली और पटना में यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में कन्वेंशन, सांसद पी. विल्सन ने कहा– रेगुलेशन नहीं, एक्ट बने
अपने संबोधन में वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने यूजीसी रेगुलेशन-2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के संबंध में कहा कि उन्हें पहले...
उत्तर प्रदेश : यूजीसी इक्विटी नियमावली लागू करने की मांग अब गांव और कस्बों में भी
भाजपा सरकार बहुजन समुदाय के लिए लाए जा रहे सकारात्मक कानून को कोर्ट के जरिए रुकवा दे रही है। वहीं ईडब्ल्यूएस आरक्षण को उसी...