सावित्रीबाई का अंग्रेजी भाषा को मां का दर्जा देना एक बहुत बड़ा कदम था। उन्होंने यह तब किया जब वे पेशवाओं के ब्राह्मणवाद के गढ़ रहे पूना में रह रही थीं और उस नगर में...
डॉ. आंबेडकर के मुताबिक, “मुग़ल बादशाहों ने कभी भी अपने सिक्कों की गुणवत्ता कम नहीं की। सिक्का ढालने की तकनीक में कमियों को ध्यान में रखते हुए भी, उनके साम्राज्य के सबसे दूर-दराज़ इलाकों में...
करम परब को केवल करम वृक्ष की पूजा या एक रात के नाच-गाने तक सीमित करके नहीं समझा जा सकता है। यह उस समाज की सामूहिक स्मृति है, जिसकी खेती जंगल से शुरू होती है...
आम तौर पर पुरुषों को सिद्धांत और अवधारणा के स्तर पर महिलाओं की आज़ादी से कोई शिकायत या परेशानी नहीं होती। मगर वे महिलाओं की आज़ादी से डरते इसलिए हैं क्योंकि उसके चलते उन्हें अपने...