h n

एफपी न्यूज

-

क्लिक करें :

A former Arunachal MLA’s mysterious death not a priority for CBI, says daughter

उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

 

लेखक के बारे में

अभिमन्यु कुमार

संबंधित आलेख

मुसलमानों में जाति को नकारना हिंदुत्व को मदद करना है
मुस्लिम धर्मगुरुओं, जिनमें ज़्यादातर अशराफ (सवर्ण) जातियों से हैं, में इस प्रवृत्ति की एक बड़ी वजह उनके द्वारा हिंदुत्व को हिंदू धर्म का पर्याय...
ओडिशा में मज़बूत दलित-ओबीसी-आदिवासी आंदोलन क्यों नहीं पनप सका?
राज्य के ओबीसी मानते हैं कि वे आरक्षण के लिए पात्र हैं लेकिन वे जाति-विरोधी आंदोलनों और दलितों के लिए आरक्षण को एक कलंक...
शिक्षा में पीछे छूट गए लोगों को पढ़ने का एक और मौका दे रहा पैकपेट
कोल्लुरी सथैया की दृष्टि और दृढ़ निश्चय से पैकपेट का जन्म हुआ। इस पहल का लक्ष्य है हाशियाकृत समुदायों के युवाओं को ज्ञान, कौशल...
वंचित वर्ग के छात्रों से अवसर छीनने को होते हैं पेपर लीक
समाज की कई जातियां हैं, जिन्हें पढ़ने से रोककर रखा गया। ऐसे लोग अपनी पूरी उर्जा कामयाबी के लिए लगा देते हैं। दूसरी तरफ...
राम मंदिर प्रकरण : धर्म के नाम पर धन की उगाही और लूट के इतिहास के संदर्भ में
अक्सर यह भ्रम फैलाया जाता है कि मंदिरों में डकैती केवल गैर हिंदू या विदेशी आक्रांताओं ने ही की थी, जबकि ऐतिहासिक तथ्य इसके...