h n

एफपी न्यूज

-

क्लिक करें :

A former Arunachal MLA’s mysterious death not a priority for CBI, says daughter

उपरोक्त सामग्री अभी सिर्फ अंग्रेजी में उपलब्ध है। अगर आप इसका हिंदी अनुवाद करना चाहते हैं तो कृपया संपर्क करें। गुणवत्तापूर्ण अनुवादों को हम आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे।  Email : editor@forwardpress.in


[फारवर्ड  प्रेस भारत के  सामाजिक व सांस्कृतिक रूप से दबाए गए तबकों – यथा, अन्य पिछडा वर्ग, अनुसूचित जनजातियों, विमुक्त घुमंतू जनजातियों, धर्मांतरित अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दों को आवाज देने लिए प्रतिबद्ध है। यह एक द्विभाषी (अंग्रेजी-हिंदी) वेबसाइट है। हम हर सामग्री  हिंदी व अंग्रेजी में प्रकाशित करते हैं, ताकि इन्हें यथासंभव देश-व्यापी पाठक वर्ग मिल सके। लेखक व स्वतंत्र पत्रकार अपने लेख दोनों में से किसी एक भाषा में भेज सकते हैं।

फारवर्ड प्रेस के इस अभियान का सुचारू रूप से संचालन के लिए ऐच्छिक योगदान करने के इच्छुक अनुभवी अनुवादकों का  स्वागत है]

मुखपृष्ठ पर जाने के लिए यहां क्लिक करें :

 

लेखक के बारे में

अभिमन्यु कुमार

संबंधित आलेख

पीली रोशनी में ओबीसी एकता की चमक और मजबूत इरादे पर जोर
दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब सभागार में आयोजित ओबीसी महासभा की बैठक में अधिकांश हिंदी-भाषी प्रदेशों से विभिन्न जातियों और पसमांदा के प्रतिनिधियों के अलावा...
एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तीन दशक बाद कितने बदले हालात
यह कानून लागू होने के बाद जब गिरफ्तारियां होने लगीं तब तथाकथित उच्च जातियों, पिछड़े वर्ग की जातियों को इस कानून की ताकत का...
‘अप्पन समाचार’ की ग्रामीण महिला पत्रकारों के प्रयासों को मिली सराहना
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता अनिल चमड़िया ने कहा कि हिंदी मीडिया को मुख्यधारा की मीडिया कहना कहीं से भी संगत नहीं है। इसे मीडिया...
हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव : आदिवासी उम्मीदवार को दी जा रही है धमकी
विश्वविद्यालय किसी छात्र के लिए सिर्फ डिग्री लेने की जगह नहीं होते। खासकर उन छात्रों के लिए जो हाशिए के समाज से आते हैं।...
गुवा गोलीकांड : जब अविभाजित बिहार में दुहराया गया जालियांवाला बाग हत्याकांड
गुवा गोलीकांड के बाद झारखंड आंदोलन में जो ऊर्जा और एकजुटता आई, उसने आने वाले दो दशकों की दिशा तय की। और ठीक 20...