मंडल कमीशन की सिफारिशें ऐसी थीं, जो लागू हो जातीं तो भारत आज कमोबेश चीन की अर्थव्यवस्था के आस-पास खड़ा होता। कम-से-कम मिडिल इनकम देशों की श्रेणी में होता। मध्यवर्ग का दायरा आज की तुलना...
हजरत मुहम्मद (स.अ.) के आखिरी खुतबे (धार्मिक उपदेश) में दिए गए पैगाम को मुस्लिम समाज के शोषक तबके ने पहुंचने नहीं दिया और इसे छिपाए रखा। यह पैगाम उन्होंने आखिरी हज (हज्जतुल विदाअ) के मौके...
कमीशन साफ-साफ कहता है कि जब तक उत्पादन के साधनों पर उच्च जातियों का मालिकाना बना रहेगा, तब तक पिछड़े वर्गों की वंचना और अधीनता की स्थिति में बुनियादी परिवर्तन नहीं आएगा और न ही...
जैसे संत रविदास का बेगमपुरा था, वैसे ही फुले का बलिराज था। सभी को सम्मान देने वाला समतामूलक और न्यायप्रिय राज्य होना चाहिए। कोल्हापुर रियासत में शाहूजी का शासनकाल 1894 से 1922 तक रहा था।...