विज्ञान परिवर्तनवादी है। वह एक धारणा या एक मान्यता पर स्थिर नहीं है। गौहर रज़ा कहते हैं कि विज्ञान की शोध रुकती नहीं है, वह अपने निष्कर्षों को बार-बार परखता है। इस परख में विज्ञान...
सांप्रदायिक लेखक और नेता प्रायः राजनीतिक इतिहास को अनावश्यक रूप से प्राथमिकता देते हैं, जबकि सामाजिक और आर्थिक इतिहास को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, और यहीं प्रेमचंद अपने समकालीन लेखकों से अलग और आगे नज़र...
महुआ माजी की यह कथा कोल्हान क्षेत्र (पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, और सरायकेला-खरसावां) के उन आदिवासी समुदायों की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाती है, जो लंबे समय से यूरेनियम खनन और उससे निकलने वाले रेडियोधर्मी...
फौरी तौर पर तो यही लगता है कि सुषमा बुद्ध के मध्यमार्ग की बात कह रही हैं, लेकिन यह बात तब सत्य होती यदि प्रारंभ की दो पंक्तियां नहीं होतीं– ‘जहां जाओगी, वहीं जाएंगे’। यहां...