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सम-सामयिकी

एलपीजी संकट से प्रवासी मजदूर लौट रहे, लेकिन अब गांवों में भी रोजगार की गारंटी नहीं
मनरेगा की स्थिति पर अस्पष्टता मजदूरी भुगतान में भी दिख रही है। बीते 21 जनवरी, 2026 से सभी राज्यों में लगभग कोई मजदूरी भुगतान नहीं हुआ, जिसमें करीब 10 हजार करोड़ रुपए की मजदूरी लंबित...
उत्तर प्रदेश में प्रतिमाओं की राजनीति
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से यह विवाद चलता रहा है कि राजा मिहिर भोज राजपूत थे या गुर्जर। यह विवाद 2021 में ज्यादा तेज हुआ, जब दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा...
झारखंड : सरना-सनातन एकता का नारा झूठा
आदिवासी समुदाय के लोगों का कहना है कि सरना धर्म कोड की मांग सिर्फ जनगणना कोड की नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण, भूमि अधिकार, जल, जंगल, जमीन पर नियंत्रण और पहचान की है। बता रहे...
संसद में यूं गूंजी ओबीसी महिलाओं के अधिकार की आवाज
पंजाब के होशियारपुर के सांसद डॉ. राजकुमार छब्बेवाल ने कहा कि सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं, जिन्होंने भारत में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला। लेकिन भारत सरकार की ओर से उन्हें...
जंतर-मंतर पर धरने में शामिल ओबीसी महिलाओं ने कहा– ‘साडा हक, इत्थे रख’
धरने में शामिल महिला प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक महिला आरक्षण में ओबीसी जो...
बिहार में मंडलवादी राजनीति के अस्तित्व पर सवाल
मंडल राजनीति का मूल उद्देश्य केवल सत्ता में भागीदारी नहीं था, बल्कि सामाजिक और आर्थिक संरचना में बुनियादी...
लखनऊ में समता अधिकार सम्मेलन में जुटे बहुजन आंदोलन के प्रतिनिधि
वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस सरकार में सबसे बड़ा हमला...
राजा राममोहन राय नहीं, फुले थे नवजागरण के अग्रदूत
राजा राममोहन राय, दयानंद सरस्वती, रानाडे, भंडारकर, आगरकर आदि के कार्य उतना सामाजिक परिवर्तन के लिए वांछित नहीं...
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