फोटो फीचर : एफपी के पांच साल

फारवर्ड प्रेस के नियमित प्रकाशन के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 26 और 27 जून को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पहले दिन विभिन्न राज्यों से आए फारवर्ड प्रेस के संवाददाताओं के लिए कार्यशाला का अयोजन किया गया

नई दिल्ली। फारवर्ड प्रेस के नियमित प्रकाशन के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 26 और 27 जून को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पहले दिन विभिन्न राज्यों से आए फारवर्ड प्रेस के संवाददाताओं के लिए कार्यशाला का अयोजन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन सुषमा यादव, प्रो वीसी इग्नू और राजिंद्र कश्यप, पोस्टमास्टर जनरल, दिल्ली सर्किल को प्रथम महात्मा जोतिबा एवं क्रांतिबाई सावित्रीबाई फुले बलिजन रत्न सम्मान प्रदान किया गया व फारवर्ड प्रेस की बहुजन साहित्य वार्षिकी 2014 का विमोचन किया गया।

वीर भारत तलवार, रमणिका गुप्ता, आयवन कोस्का, सिल्विया कोस्का, प्रमोद रंजन, संजय कुमार, सुषमा यादव, राजिन्द्र कश्यप

 

टॉम वुल्फ

 

एच.एल. दुसाध

 

लाल रत्नाकर

 

समारोह को संबोधित करते सुरेन्द्र कुशवाहा

 

सम्मान समारोह मे उपस्थित अतिथिगण

 

सम्मान समारोह मे उपस्थित अतिथिगण

 

कार्यशाला में जुटे फॉरवर्ड प्रेस के विभिन्न राज्यों के संवाददाता

 

कार्यशाला को संबोधित करते केविन ब्रिंकमैन

 

कार्यशाला में प्रशिक्षण के दौरान सर्वेश और अविनाश दास

 

मुख्य संपादक आयवर कोस्का व सलाहकार संपादक प्रमोद रंजन के साथ फारवर्ड प्रेस के संवाददाताओं का ग्रुप फोटोग्राफ

 

(फारवर्ड प्रेस के अगस्त 2014 अंक में प्रकाशित)


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in

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बहुजन साहित्य की प्रस्तावना

 

महिषासुर : मिथक व परंपराएं

महिषासुर : एक जननायक

चिंतन के जन सरोकार

 

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