राज्य सरकार भीमा कोरेगांव में तनाव पैदा कर रही- प्रकाश आंबेडकर

प्रशासन की हरकतों से भीमा कोरेगांव में आयोजकों में गुस्सा है कि वह कई प्रमुख संगठनों को वहां आने से रोक रहा है। प्रकाश आंबेडकर, भारत मुक्ति मोर्चा और वामसेफ ने चंद्रशेखर को हिरासत में लेने का विरोध किया है

हिरासत में चंद्रशेखर, प्रतिबंध के बाद भी रैली करने का ऐलान

पिछले साल की हिंसा के कथित आरोपी संगठनों पर प्रतिबंध के बीच भीमा कोरगांव में 1 जनवरी 2019 को होने वाले ‘विजय शौर्य दिवस’ को लेकर स्थानीय संगठनों में शांतिपूर्ण तरीके से समारोह में शामिल होने की अपील की है। लेकिन इस बीच जिस तरह से भीम आर्मी के नेता को होटल में नजरबंद किया गया और उसके प्रदेश स्तर के नेता गिरफ्तार किए गए उसे लेकर भारिप बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश आंबेडकर ने चिंता जताई है और कहा है कि भीमा कोरेगांव में प्रशासन और राज्य सरकार ही माहौल बिगाड़ रही है।

भीमा कोरेगांव चलो का पोस्टर

रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र, पुलिस ने पहले से ही चंद्रशेखर आजाद को मलाड के होटल मसूरी में डिटेन कर लिया था। होटल से जारी किए चंद्रशेखर आजाद के एक वीडियो से भी ये बात साफ होती है कि उनको होटल से निकलने नहीं दिया जा रहा। मामले को लेकर बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर के पौत्र और भारिप बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश आंबेडकर ने सरकार पर निशाना साधा है।

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद

प्रकाश आंबेडकर ने अकोला में कहा कि सरकार ही तनाव बढ़ा रही है। भीमा कोरेगांव जा रहे भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद को मुंबई में डिटेन किए जाने के बाद प्रकाश आंबेडकर ने इस बात की निंदा करते हुए कहा कि मुंबई पुलिस या सरकार ने बताना चाहिए कि उन्हें होटल से क्यों नहीं निकलने दिया जा रहा।


 प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि चंद्रशेखर भीमा कोरेगांव जा रहे थे इसमें कोई दो राय नहीं है। मलाड के होटल में जो खबर मिली है कि उनको बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है तो इसका मतलब है कि उनको सरकार ने नजरबंद किया है। जिसकी हम निंदा करते हैं। सरकार के ही रवैये से तनाव की स्थितियां पैदा हो रही है।

भारिप बहुजन महासंघ के नेता प्रकाश आंबेडकर

प्रकाश ने कहा कि 1 तारीख को भीमा कोरेगांव पहुंचने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर सरकार खुद ही तनाव पैदा करा रही। जहाँ तक मेरी बात है तो सभी आसपास के गाँवों में गांव प्रतिनिधि और सरपंच सभी ने यह माना है कि 1 जनवरी के शौर्य दिन कार्यक्रम शांतिपूर्वक होगा।

भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने होटल से जारी वीडियो संदेश में कहा कि प्रशासन बाबा भीमराव आंबेडकर की पवित्र भूमि में जाने से रोक रही है।

कबीर कला मंच के संस्कृतिकर्मी रोके गए

पुणे ग्रामीण क्षेत्र पुलिस ने कई व्यक्तियों और संगठनों पर भीमा कोरेगांव युद्ध स्मारक और आसपास के इलाकों में जाने पर रोक लगा दी है। इनमें दक्षिणपंथी हिंदू नेता मिलिंद एकबोटे, सांस्कृतिक संगठन कबीर कला मंच (केकेएम) के सदस्य और अन्य लोग शामिल हैं। केकेएम के कार्यकर्ता हर साल नाटकों और गीतों के जरिए बाबा साहेब आंबेडकर की देश और संविधान को दिए योगदान को याद करते हैं।

भीमा कोरेगांव शौर्य दिवस समारोह के प्रमुख आयोजक भारत मुक्ति मोर्चा के नेता वामन मेश्राम

पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि ‘अब तक हमने कई लोगों को सीआरपीसी की धारा 144(2) के तहत नोटिस जारी किए हैं और उनके भीमा-कोरेगांव इलाके में जाने पर रोक लगा दी है।’ उन्होंने कहा कि उन सभी लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं जिनके खिलाफ एक जनवरी की हिंसा से जुड़े गंभीर प्रकृति के मामले दर्ज हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त शिवाजी बोदाखे ने बताया कि पुणे शहर की पुलिस भी उन सभी को नोटिस जारी कर रही है जो एक जनवरी से पहले कानून-व्यवस्था के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं।

जब उनसे पूछा गया कि क्या भीम आर्मी के प्रमुख और दलित नेता चंद्रशेखर आजाद की 30 दिसंबर की रैली को अनुमति प्रदान कर दी गई है? इस पर बोदाखे ने कहा कि इस बारे में जल्द फैसला लिया जाएगा।

दस लाख जुटेंगे, भारत मुक्ति मोर्चे का दावा

भारत मुक्ति मोर्चा और वामसेफ ने दावा किया है कि इस बार दस लाख से ज्यादा लोग भीमा कोरेगांव आ रहे हैं। मोर्चा के नेता श्रीकांत होवाल ने फारवर्ड प्रेस से कहा कि हमारे दुश्मन आज भी पेशवा ब्राह्मिण हैं जो हम पर राज कर रहे हैं। मैं अपने बहुजन समाज से कहना चाहता हूं कि आज भी हमारा शत्रु नहीं बदला है। हम उसे पहचानते हैं। बहुजन समाज के कई सारे लोग अलग अलग संगठनों से लड़ रहे हैं। हमारा कहना है कि भारत मुक्ति मोर्चा में शामिल होकर एक हम एक साथ मिलकर लड़ेंगे तो ज्यादा सफल होंगे। कार्यक्रम में बाबा साहेब आंबेडकर के परिवार के सभी लोग आ रहे हैं, हम उनका दिल से स्वागत करेंगे। उनके आने से बहुजन समाज की जागरूकता की लड़ाई और सफल होगी।

(कॉपी संपादन – अर्चना)


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