नवोदय विद्यालय के तर्ज पर आदिवासियों के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल, केंद्र का फैसला

केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने 17 दिसंबर 2018 को जनहित के कई फैसले लिये। इनमें एक फैसला आदिवासियों से जुड़ा है। सरकार हर उस प्रखंड में एकलव्य मॉडल स्कूल खोलेगी जहां आदिवासियों कीा आबादी 20 हजार हो या फिर आधी आबादी हो

केंद्र सरकार देश भर में जवाहर नवोदय विद्यालय के तर्ज पर एकलव्य मॉडल स्कूल खोलेगी। इस आशय का निर्णय 17 दिसंबर 2018 को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। प्रेस इन्फारमेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा जारी सूचना के अनुसार ये विद्यालय देश के हर उस प्रखंड में खोले जाएंगे जहां आदिवासियों की आबादी पचास फीसदी है या फिर आदिवासियों की आबादी बीस हजार है। ये विद्यालय सीधे तौर पर केंद्रीय अनुसूचित जनजाति मंत्रालय के तहत संचालित होंगे।

एक अहम फैसले में केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के उपर एक नए पुल के निर्माण को स्वीकृति दी। इस पुल के निर्माण में 2 हजार 926 करोड़ 42 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। साढ़े चौदह किलोमीटर लंबी इस पुल का निर्माण पटना में पहले से बने महात्मा गांधी सेतु के समानांतर करीब 38 मीटर की दूरी पर होगा। बताते चलें कि महात्मा गांधी सेतु की हालत काफी खस्ता हो चुकी है और वर्तमान में इसकी मरम्मती का काम चल रहा है। आये दिन इस कारण लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ता है।

बहुजन विमर्श को विस्तार देतीं फारवर्ड प्रेस की पुस्तकें

केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने इसके साथ ही तेलंगाना और तामिलनाडु में नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण को मंजूरी दी है। इस संबंध में तामिलनाडु के मदुरै में 1264 करोड़ रुपए और तेलंगाना के बीबीनगर में 1062 करोड़ रुपए की राशि के व्यय को भी स्वीकृति प्रदान की गयी है।

(कॉपी संपादन : एफपी डेस्क)


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, सस्‍क‍ृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +917827427311, ईमेल : info@forwardmagazine.in

फारवर्ड प्रेस की किताबें किंडल पर प्रिंट की तुलना में सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। कृपया इन लिंकों पर देखें 

 

बहुजन साहित्य की प्रस्तावना 

दलित पैंथर्स : एन ऑथरेटिव हिस्ट्री : लेखक : जेवी पवार 

महिषासुर एक जननायक’

महिषासुर : मिथक व परंपराए

जाति के प्रश्न पर कबी

चिंतन के जन सरोका

About The Author

Reply