झारखंड : ओबीसी को मिलेगा आबादी के बराबर आरक्षण

आबादी के आधार पर ओबीसी को आरक्षण देने वाला झारखंड देश का पहला राज्य बनेगा। इस आशय की घोषणा मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कर दी है। हालांकि इसके लिए 2021 में होने वाली जगनणना की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा

2019 झारखंड के ओबीसी (अन्य पिछड़े वर्गों) के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। मुख्यमंत्री रघुबर दास ने राज्य के अन्य पिछड़े वर्गों को उनकी आबादी के बराबर सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य पिछड़े वर्गों को उनकी आबादी के बराबर आरक्षण व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

राजधानी रांची के प्रोजेक्ट भवन में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के साथ हुई एक समीक्षात्मक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य पिछड़े वर्गों को व्यापार सहित अन्य आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम का गठन किया जाएगा। निगम विशेष रूप से पिछड़े वर्गों को ऋण उपलब्ध कराएगा। 2019-20 के बजट में पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम को अलग से धन आवंटित किया जाएगा ताकि वह आसानी से पिछड़े वर्गों को ऋण उपलब्ध करा सके। यह ऋण पिछड़े वर्गों के युवाओं को विशेष रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।साथ ही इस ऋण में सब्सिडी का भी प्रावधान किया जाएगा

झारखंड के पहले ओबीसी मुख्यमंत्री रघुबार दास

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पहले से गठित अनुसूचित जनजाति विकास निगम (एसटीसीडीसी) और अनुसूचित जाति विकास निगम ( एससीडीसी ) को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।

वर्तमान में झारखंड में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को आबादी के आधार पर आरक्षण दिया जाता है। वहीं ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। हालांकि जातिगत जनगणना की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, लिहाजा यह तय नहीं है कि रघुबर दास सरकार कितने फीसदी आरक्षण की औपचारिक घोषणा करेगी। माना जा रहा है कि इसके लिए 2021 में होने वाली जनगणना की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।

(कॉपी संपादन : एफपी डेस्क)


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