बहुजन परंपराओं और साहित्य को टटोलने निकलेगी फारवर्ड प्रेस की टीम

बहुजन साहित्य व परंपराओं का अध्ययन करने के लिए फॉरवर्ड प्रेस के संपादक प्रमोद रंजन के नेतृत्व में 5 जनवरी से एक टीम भारत दौरे पर निकलेगी। इंडिया गेट, दिल्ली से प्रारंभ करते हुए यह टीम देश के विभिन्न राज्यों में पहुंचेगी

नई दिल्ली : फारवर्ड प्रेस के संपादक प्रमोद रंजन के नेतृत्व में एक टीम साहित्य व परंपराओं का अध्ययन करने के लिए भारत दौरे पर निकलेगी। सड़क मार्ग से की जाने वाली इस यात्रा की शुरूआत 5 जनवरी को नई दिल्ली के इंडिया गेट से होगी। लगभग एक महीने तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान टीम हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक होते हुए केरल के कन्याकुमारी तक पहुंचेगी तथा वहां से तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलांगना, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश होते हुए दिल्ली वापस लौटेगी। टीम में फारवर्ड प्रेस के अंग्रेजी संपादक अनिल वर्गीज तथा युवा समाजशास्त्री अनिल कुमार शामिल हैं।

यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के गांवों में बदल रहे सामाजिक अंतर्संबंधों को समझना तथा अकादमिक उपेक्षा व अवहलेना के शिकार ऐतिहासिक समाजिक आंदोलनों से संबंधित दस्तावेजों को इकट्ठा करना व बहुजन-श्रमण परंपराओं का अध्ययन करना है। टीम विभिन्न भाषाओं के जनपक्षधर लेखकों, विचारकों व आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उनकी जन्मभूमि का स्पर्श करते हुए आगे बढ़ेगी। यात्रा के दौरान फारवर्ड प्रेस के सुधी पाठकों, लेखकों व अन्य शुभचिंतकों से भी मुलाकात की जाएगी। फारवर्ड प्रेस द्वारा प्रकाशित किताबें (सूची यहां देखें) तथा फारवर्ड प्रेस के सभी अंकों का सेट (यहां देखें) खरीदने के इच्छुक लोगों इस दौरान इनकी बुकिंग भी करवा सकेंगे।

इस दौरान विभिन्न स्थानों की भूली-बिसरी बहुजन सांस्कृतिक विरासत, विभिन्न राज्यों की राजनीतिक स्थिति, आम लोगों की लोकतंत्र व सरकार से अपेक्षाएं, मुख्य धारा की मीडिया के प्रति वंचित वर्गों का नजरिया और उनकी अपेक्षाएं, राष्ट्रीय परिदृश्य को प्रभावित करने वाले अदृश्य-उपेक्षित मुद्दे, आम लोगों के संघर्षरत स्थानीय नायक, लोकगीतों में आज की राजनीति, गांवों में सोशल मीडिया की पहुंच और उसके असर, गरीबों के लिए शिक्षा तथा स्वास्थ्य के मुद्दे आदिए अनेक विषयों समेत नोटबंदी के असर संबंधी टीम द्वारा तैयार की गयी त्वरित रिपोर्टें फारवर्ड प्रेस डॉट इन तथा कुछ प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होंगी। यात्रा के दौरान उपलब्ध होने वाली अन्य दूरगामी महत्व के चीजों को वे दिल्ली लौटने के बाद पाठकों के लिए अलग से तैयार करेंगे।

यात्रा का प्रथम पड़ाव राजस्थान के हनुमानगढ जिले में होगा। यहां टीम स्थानीय लोगों के साथ मुलाकात के अतिरिक्त कालीबंगा स्थित खुदाई स्थल का दौरा करेगी, जहां हड़प्पाकालीन नगर के अवशेष मिले हैं। यह विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है। उसके बाद वे राज्य के पाली जिला में जैतारन के निकट कुडकी स्थित भक्तिकालीन क्रांतिकारी कवि मीराबाई (1498-1546) के जन्म स्थल पर जाएंगे। पाली के बाद अगला पड़ाव टोंक जिला के देवली के निकट स्थित कवि धन्ना (जन्म : 1415) का जन्म स्थल होगा। उसके बाद वे दक्षिण राजस्थान में जिला उदयपुर में आदिवासी आंदोलन के नायक मोतीलाल तेजावत (1886-1963), डुंगरपुर में हरिजन सेवा समिति की स्थापना करने वाले भोगीलाग पाण्डया (1904-1981) के स्थलों पर जाएंगे। राजस्थान में अंतिम पड़ाव मानगढ़ होगा, जहां गोविंद गुरू (1858-1931)  के नेतृत्व में अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत एक हजार से अधिक आदिवासियों को अंग्रेजों ने स्थानीय सामंतों के सहयोग से गोलियों से भून दिया था।

राजस्थान के बाद यह टीम मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी। मध्यप्रदेश व आगामी राज्यों की यात्रा की सुनिश्चित समय सारणी संभावित कोहरे के कारण अभी निर्धारित नहीं की गयी है। फारवर्ड प्रेस के सुधी पाठकों, लेखकों व शुभचिंतकों को यात्रा के आगामी पड़ावों की जानकारी व्हाट्स एप व सोशल मीडिया के अन्य मंचों से दी जाती रहेगी। इस यात्रा के दौरान टीम की कोशिश होगी कि भारत के गांवों को अधिकाधिक निकट से देखा जाए इसलिए रात्रि विश्राम के लिए शहरों की बजाय गांवो अथवा छोटे कस्बों का चुनाव करने की हरसंभव कोशिश की जाएगी।

इस यात्रा से संबंधित कोई भी सुझाव आप निम्नांकित फोन नंबरों अथवा ईमेल पर दे सकते हैं। टीम इस यात्रा के दौरान आपसे संपर्क और मुलाकात की आकांक्षी है।

प्रमोद रंजन: 9811884495, janvikalp@gmail.com

अनिल कुमार: 9717740698 (अगर आप उत्तर भारत से फोन कर रहे हों)

अनिल वर्गीज: 9810218739 (अगर आप दक्षिण भारत से फोन कर रहे हों)

अगर आप फारवर्ड प्रेस के व्हाट्स एप ग्रुप से जुड़ना चाहते हैं तो कृपया इस नंबर पर व्हाटस एप्प संदेश भेजें: 7827427311


फारवर्ड प्रेस वेब पोर्टल के अतिरिक्‍त बहुजन मुद्दों की पुस्‍तकों का प्रकाशक भी है। एफपी बुक्‍स के नाम से जारी होने वाली ये किताबें बहुजन (दलित, ओबीसी, आदिवासी, घुमंतु, पसमांदा समुदाय) तबकों के साहित्‍य, संस्कृति व सामाजिक-राजनीति की व्‍यापक समस्‍याओं के साथ-साथ इसके सूक्ष्म पहलुओं को भी गहराई से उजागर करती हैं। एफपी बुक्‍स की सूची जानने अथवा किताबें मंगवाने के लिए संपर्क करें। मोबाइल : +919968527911, ईमेल : info@forwardmagazine.in

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  1. Rahul Bouddh Reply

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