दिल्ली में गूंजी हिमाचल की गुड़िया को इंसाफ दिलाने की मांग

एनएफआईडब्ल्यू की महासचिव एनी राजा ने साफ तौर पर कहा कि आज पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ा है। महिलाओं के साथ अत्याचार चाहे केरल में हो, गुजरात में हो, उत्तरप्रदेश में हो या फिर हिमाचल प्रदेश में, हम हर प्रदेश में होने वाली घटनाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे

करीब एक पखवारे बाद हिमाचल के हिम में लगी आग दिल्ली पहुंची। शनिवार को नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन के तत्वावधान में महिलाओं ने दिल्ली में हिमाचल भवन के समक्ष गुड़िया सामूहिक बलात्कार के बाद नृशंस हत्या मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और वीरभद्र सिंह सरकार पर धीमी गति से कार्य करने का आरोप लगाते हुए आड़े हाथों लिया। ध्यातव्य है कि बीते 4 जुलाई को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नजदीक कोटखाई में दसवीं कक्षा की छात्रा गुड़िया (काल्पनिक नाम) की नृशंस हत्या सामूहिक दुष्कर्म के बाद कर दी गयी थी। गुड़िया की क्षत-विक्षत लाश तीन बाद जंगल में मिली थी। इसके बाद पूरे हिमाचल में लोग आक्रोशित हो गये। आनन-फानन में राज्य सरकार ने पहले तो स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया और जब लोग तब भी नहीं माने तब सरकार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी।

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इस पूरे मामले में राष्ट्रीय स्तर की मीडिया लगभग मौन रही। शनिवार को इस मामले को एनएफआईडब्ल्यू की महासचिव एनी राजा के नेत‍ृत्व में महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिमाचल भवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। बाद में एक शिष्ठमंडल ने हिमाचल सरकार के स्थानीय आयुक्त से मिलकर राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा। बाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एनी राजा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गुड़िया के साथ किया गया जघन्य अपराध निंदनीय है। उन्होंने इस मामले में राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस द्वारा की गयी धीमी गति से कार्रवाई के लिए आलोचना की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ा है। महिलाओं के साथ अत्याचार चाहे केरल में हो, गुजरात में हो, उत्तरप्रदेश में हो या फिर हिमाचल प्रदेश में, हम हर प्रदेश में होने वाली घटनाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। 

श्रीमती राजा ने अपने संबोधन में कहा कि गुड़िया के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या मामले में सफेदपोशों और रसूखदार लोगों को बचाने की साजिश हो रही है। मामले को रफा-दफा करने के लिए गरीब लोगों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विधि व्यवस्था इतनी निकम्मी हो गयी है कि थाने में एक आरोपी की हत्या कर दी गयी। जबकि उसकी पत्नी ने यह कहा है कि उसे हिमाचल छोड़ने का लालच दिया गया। उन्होंने कहा कि गुड़िया के साथ हैवानियत करने वाले सभी दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें उनके अपराध की सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने थाने में घुसकर एक तथाकथित आरोपी की हत्या के मामले को भी सीबीआई जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए।

वहीं अपने संबोधन में वरिष्ठ दलित साहित्यकार व सामाजिक कार्यकर्ता रजनी तिलक ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले हर जुल्म के खिलाफ महिलायें एकजुट हों। इसके लिए कोई क्षेत्र या राज्य मायने नहीं रखता है। बेटियों के साथ होने वाले हर जुल्म का विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने भी गुड़िया के साथ हुए हैवानियत की तीखी आलोचना की और हिमाचल प्रदेश सरकार से पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने की मांग की।

इस अवसर पर  वरिष्ठ लेखिका नूर जहीर,  रजनी तिलक व फारवर्ड प्रेस के प्रबंध संपादक प्रमोद रंजन सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकता मौजूद रहीं।


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