झारखंड में अंतरजातीय प्रेम करना पड़ रहा महंगा, युवक की पीट-पीटकर हत्या, दो प्रेमी युगलों का सिर मुंड़ गांव में घुमाया

झारखंड में हाल के दिनों में ऑनर किलिंग की कई घटनायें सामने आयी हैं। ये घटनायें राजधानी रांची से लेकर सुदूर चतरा जिले में एक के बाद एक घटित हो रही हैं। वहीं खाप पंचायतों के जैसे प्रेमी युगलों को तालिबानी फैसले का शिकार होना पड़ रहा है। फारवर्ड प्रेस की खबर

झारखंड में अंतरजातीय प्रेम करना प्रेमी युगलों को महंगा पड़ रहा है। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आये हैं जिनमें प्रेमी युगलों को सिर मुंड़कर गांव में घुमाने से लेकर मौत की सजा तक दी गयी है।

ऐसी ही एक घटना ने बीते 22 सितंबर 2018 चतरा में सनसनी फैला दी। सुबह-सुबह मवेशी चराने वालों ने बधार में दो लोगों को खून से लथपथ देखा। इनमें से एक की पहचान महेंद्र दांगी(32 वर्ष) के रूप में हुई। उसकी मौत हो चुकी थी। जबकि दूसरा बेचन दांगी(35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल था। दोनों कोईरी जाति के हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना चतरा जिले के पत्थरगड्डा पुलिस थाने को दी। पुलिस ने महेंद्र दांगी के शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया। वहीं बेचन दांगी को इलाज के लिए हजारीबाग ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने रांची स्थित रांची मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस के मुताबिक बेचन दांगी अभी भी जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। वहीं अपराधियों की धड़-पकड़ के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार घायल बेचन और मृतक महेंद्र की लाश को देखने से साफ पता चलता है कि हमलावर बड़ी संख्या में रहे होंगे और दोनों को लाठी-डंडे से बुरी तरह तबतक पीटा जबतक कि उन्हें लगा कि दोनों मर नहीं गये।

महेंद्र दांगी की लाश

मिली जानकारी के अनुसार बेचन दांगी और महेंद्र दांगी में काफी गहरी दोस्ती थी। महेंद्र दांगी नावाडीह निवासी खिरोधर का पुत्र था, वह विवाहित था और उसके दो बच्चे भी हैं। महेंद्र दांगी के परिजनों ने बताया कि उकसा बगल के गांव मारंगा की एक युवती से प्रेम चल रहा था जो गंझू जाति(अनुसूचित जाति) की है। 21 सितंबर की रात को मरंगा गांव की उस युवती ने महेंद्र दांगी को अपने घर बुलाया था। महेंद्र अपने मित्र बेचन के साथ देर रात रात मारंगा पहुंचा। उसके परिजनों का आरोप है कि युवती के घर वालों ने दोनों पर हमला कर दिया।

पुलिस भी इस घटना को प्रेम-प्रसंग से जोड़कर ही देख रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद चतरा जिले के एसपी अखिलेश वी. बरियार, एसडीपीओ प्रदीप कश्यप, पत्थलगड्डा थाना के थाना प्रभारी नवीन रजक घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पुलिस को मंगलसूत्र, कान की बाली व दो जोड़ी चप्पलें मिली हैं। एक पेड़ के नीचे से वह बाइक भी मिली है, जिससे महेंद्र व बेचन घटना स्थल पर पहुंचे थे। हालांकि खबर लिखे जाने तक हमलावरों की पहचान नहीं हां पाई है।

प्रेम संबंधों को लेकर ही बीते अगस्त माह में चतरा जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के पांडेयडीह गांव में दो प्रेमी युगलों का सिर मुंड़ कर गांव से निकाल दिया गया। इससे पहले उन्हें पीटा भी गया। उन्हें गांव लौटने पर डेढ़ लाख जुर्माना देने की सजा भी पंचायत ने सुनायी। पैसा नहीं होने की वजह से आज भी दोनों युगल इधर से उधर भटकने पर मजबूर हैं।

अंतरजातीय प्रेम करने की सजा (काल्पनिक तस्वीर

यह घटना बीते 21 अगस्त 2018 की है जब मनोज अपनी प्रेमिका को लेकर गांव लौटा। इन दोनों ने चार महीने पहले प्रेम विवाह किया था। गांव के कुछ लोगों ने उन्हें फोन कर बुलाया और कहा कि पूरे गांव को खाना खिलाने के बाद ही उन्हें माफ किया जाएगा। दोनों जब गांव पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। फिर पंचायत में उन्हें पीटा गया और सिर मुंड़वा कर गांव से निकाल दिया गया। इसके अगले ही दिन गांव के एक और युवक ढेला भुईयां अपनी प्रेमिका को लेकर पहुंचा। उसकी भी पिटाई की गई और सिर मुंड़वा कर गांव से बाहर निकाल दिया गया।

गांव वालों ने दोनों युगल को चेतावनी दी कि पुलिस को सूचना देने पर अंजाम बुरा होगा। इस कारण पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी गई।

(कॉपी संपादन : एफपी डेस्क)


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