महिष दसरा 2018 : महिषासुर की मानवीय गरिमा को पुनर्स्थापित करने का आह्वान

महिष दसरा को कर्नाटक के सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल किया गया है। इस वर्ष हुए आयोजन में पहले से भी अधिक लोगों और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भागीदारी ली। विधायक सतीश जारकिहोली ने कहा कि चामुंडी हिल्स पर बनी महिषा की मूर्ति के नकारात्मक स्वरूप को बदलने के लिए वे लोगों से राय मशविरा करेंगे। फारवर्ड प्रेस की खबर :

कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले मैसूर शहर के चामुंडी हिल्स पर बीते 7 अक्टूबर 2018 को राज्य के मूल निवासियों ने महिष दसरा मनाया। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन महिषा प्रतिष्ठाना समिति के तत्वावधान में किया गया। इस आयोजन में प्रगतिशील संस्थाओं की अहम भूमिका रही। इनमें उरिलिंगीपेड्डी मठ, अशोकापुरम अभिमानिगाला बेलागा, दलित वेलफेयर ट्रस्ट, अम्बेडकर अभिमानिगाला बालागा, रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन (मैसूर), यूनिवर्सिटी गेस्ट फैकल्टी फ़ोरम, दलित स्टूडेंट फ़ेडरेशन के अलावा और कई अल्पसंख्यक संगठन शामिल रहे।

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